सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली दौरे से ठीक पहले रूस की संसद ने भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को मंजूरी देने की तैयारी कर ली है। यह फैसला दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। रूस और भारत दशकों से रक्षा सहयोग में एक-दूसरे के सबसे भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। ऐसे में इस नए समझौते पर मुहर लगना न सिर्फ पुतिन के भारत दौरे का एजेंडा मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य के सैन्य सहयोग की दिशा भी तय करेगा।
माना जा रहा है कि यह डिफेंस एग्रीमेंट तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त उत्पादन, कलपुर्ज़ों की सप्लाई, और रक्षा आधुनिकीकरण से जुड़ा हो सकता है। भारत जिस समय आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहा है, उस समय रूस का यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह समझौता भारत की रक्षा क्षमताओं को और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
पुतिन के आगमन से पहले यह कदम एक राजनीतिक संदेश भी देता है कि रूस भारत को “प्राथमिक साझेदार” के रूप में देखता है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के समय यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने वाला साबित होगा।
भारत और रूस के बीच यह डिफेंस पार्टनरशिप आने वाले वर्षों में रक्षा तकनीक, सहयोग और सामरिक संतुलन के नए अध्याय की शुरुआत कर सकती है।
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