सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तनाव और अधिक बढ़ता नजर आ रहा है। रूस ने बेलारूस में अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलें तैनात कर दी हैं, जिससे पूरे पूर्वी यूरोप में सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है। इस कदम को रूस की रणनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं यूक्रेन और पश्चिमी देशों के लिए यह एक बड़ा अलर्ट माना जा रहा है।
हाइपरसोनिक मिसाइलें अपनी अत्यधिक गति और सटीक निशाने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं। ये मिसाइलें पारंपरिक वायु रक्षा प्रणालियों को चकमा देने में सक्षम होती हैं, जिससे इनका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बेलारूस में इनकी तैनाती से रूस को यूक्रेन सीमा के बेहद करीब सैन्य दबाव बनाने का मौका मिल गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल यूक्रेन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है, बल्कि नाटो देशों को भी सीधा संदेश है। बेलारूस पहले से ही रूस का करीबी सहयोगी रहा है और वहां सैन्य संसाधनों की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र की सामरिक स्थिति बदल सकती है।
यूक्रेन की ओर से इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है। वहीं अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी हालात पर नजर बनाए रखने की बात कही है। माना जा रहा है कि रूस का यह फैसला आने वाले दिनों में युद्ध को और जटिल बना सकता है और शांति प्रयासों पर असर डाल सकता है।