सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: रेलवे नर्मदा क्लब ऑडिटोरियम, भोपाल में मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की रोकथाम विषय पर रेलवे सुरक्षा बल और राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर के महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार यादव, मंडल रेल प्रबंधक भोपाल पंकज त्यागी, अपर मंडल रेल प्रबंधकगण, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त भोपाल सहित रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों और ट्रेनों में होने वाली मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाना तथा रेलवे कर्मचारियों को इस विषय में आवश्यक जानकारी प्रदान करना था, ताकि समय रहते ऐसे मामलों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता नौशिन अफरीन अली ने मानव तस्करी से जुड़े कानूनी प्रावधानों, पीड़ितों के अधिकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं बेंगलुरु की इम्पैक्ट एंड डायलॉग फाउंडेशन की प्रतिनिधि पल्लबी घोष ने मानव तस्करी के सामाजिक कारणों, इसके प्रभावों तथा इसके खिलाफ समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में बताया गया कि मानव तस्करी एक संगठित अपराध है, जिसका शिकार अक्सर महिलाएं, बच्चे और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग बनते हैं। रेलवे स्टेशन और ट्रेनें तस्करों के लिए प्रमुख माध्यम बन सकती हैं, इसलिए रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यशाला में आरपीएफ, जीआरपी, स्थानीय पुलिस, टीटीई, सी एंड डब्ल्यू स्टाफ, कुली तथा ऑपरेटिंग और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, निगरानी और तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचना देने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, संवेदनशीलता और सतर्कता आवश्यक है। यदि प्रत्येक कर्मचारी जिम्मेदारी से कार्य करे तो कई लोगों को इस अपराध का शिकार बनने से बचाया जा सकता है। यह कार्यशाला जागरूकता बढ़ाने और समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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