सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश में मानसून की अच्छी वर्षा के चलते प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शुक्रवार को राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से वर्षा और जलाशयों की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बांधों की सतत निगरानी की जाए तथा सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश में अब तक औसत से 59% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा 62% और पश्चिमी हिस्से में 55% अधिक है। इसके चलते प्रदेश के 18 प्रमुख बांधों के जल द्वार खोल दिए गए हैं। इन बांधों में बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, मणिखेड़ा, पवई, राजघाट, संजय सागर आदि शामिल हैं।
प्रदेश के रिजर्वायर मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित 286 प्रमुख बांधों में से 104 में 90% से अधिक, 31 में 75-90% और 46 में 50-75% तक जलभराव दर्ज किया गया है। सिंध, नर्मदा, बेतवा, ताप्ती, वैनगंगा और चंबल बेसिनों के प्रमुख बांधों में भी जलस्तर औसत से ऊपर है। आवदा और काकेटो जैसे कुछ बांधों में जलभराव शत-प्रतिशत से भी अधिक है।
श्री सिलावट ने सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने और जल निकासी की पूर्व सूचना देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल के माध्यम से भी राहत कार्यों में तकनीकी मदद ली जा सकती है। वर्तमान में 72.75% औसत जलभराव के साथ प्रदेश के जल स्रोत सुरक्षित स्थिति में हैं और बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। सरकार द्वारा समय पर कदम उठाकर आमजन को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।

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