भारत और चीन के बीच शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के साइडलाइन पर अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन के बीच हुई इस बैठक में कूटनीतिक संबंध सुधारने को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ।
बैठक की शुरुआत में राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री को भारतीय संस्कृति की प्रतीक ‘मधुबनी पेंटिंग’ भेंट की। इसके साथ ही उन्होंने चीन को भारत का 4-पॉइंट प्लान भी सौंपा, जो सीमा विवाद सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह था भारत का 4 पॉइंट प्लान:
2024 में हुए सैनिक वापसी समझौते का पूर्ण पालन
सीमा पर तनाव कम करने के निरंतर प्रयास
बॉर्डर तय करने की प्रक्रिया को तेज करना
मतभेद सुलझाने हेतु विशेष प्रतिनिधियों के स्तर पर संवाद
बैठक को दोनों पक्षों ने रचनात्मक और भविष्यदर्शी बताया। चीन की ओर से भी यह संकेत दिए गए कि वह भारत के साथ टकराव नहीं बल्कि विश्वास को बढ़ाना चाहता है।
आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट रुख
राजनाथ सिंह ने बैठक में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया और जम्मू-कश्मीर में हालिया आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने एशिया में स्थिरता और अच्छे पड़ोसी संबंधों के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता भी दोहराई।
गौरतलब है कि भारत ने SCO की जॉइंट स्टेटमेंट पर हस्ताक्षर नहीं किए, क्योंकि उसमें जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले का उल्लेख नहीं था, जबकि पाकिस्तान के बलूचिस्तान की घटना को जगह दी गई थी।
क्या है SCO?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय संगठन है जो सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाने के लिए काम करता है। इसमें अब भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान समेत कुल 9 सदस्य देश हैं।
भारत ने इस मंच पर स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ ‘डबल स्टैंडर्ड’ बर्दाश्त नहीं होंगे और SCO को इन पर सख्त रुख अपनाना चाहिए।
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