सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू), भोपाल में आयोजित “हल्ला बोल 2025 – जिला स्तरीय युवा वाद–विवाद प्रतियोगिता” में युवाओं ने प्रभावशाली तर्क–शक्ति, विश्लेषणात्मक सोच और आत्मविश्वास पूर्ण अभिव्यक्ति का परिचय दिया। राष्ट्रीय सेवा योजना, विधि विभाग एवं मानविकी एवं उदार कला संकाय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले के विद्यार्थियों को समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
प्रतियोगिता “युवा सोच, नया भारत” थीम पर आधारित रही। प्रतिभागियों ने आरक्षण नीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा प्रणाली में खेलों की भूमिका तथा सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक सक्रियता जैसे विषयों पर संतुलित दृष्टिकोण और प्रामाणिक आंकड़ों के साथ अपने तर्क रखे। प्रतियोगिता के निर्देश विधि विभाग की सहायक प्राध्यापक सुश्री माधवी पटकर ने दिए, जबकि विषयों का चयन पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया से किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आरएनटीयू के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. संजीव कुमार गुप्ता ने की। पूर्व आयुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव मुख्य अतिथि रहे, जबकि एमपी प्रेस क्लब के संयुक्त सचिव अजय प्रताप सिंह ने विशेष वक्ता के रूप में संबोधित किया। मूल्यांकन की जिम्मेदारी यूपीएससी मेंटर व भारतीय सिनेमा के अध्येता अंशुल पटले और दैनिक निर्दलिय के संपादक अभिषेक अज्ञानी ने निभाई।
कुल छह टीमों ने विभिन्न विषयों पर पक्ष–विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत किए—
टीम ए और सी: “जाति आधारित आरक्षण: अधिकार या आवश्यकता”
टीम बी: “कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वरदान या अभिशाप”
टीम डी और एफ: “भारतीय शिक्षा प्रणाली में खेलों की स्थिति”
टीम ई: “सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक सक्रियता
प्रतिभागियों ने शोध आधारित उदाहरणों, समसामयिक संदर्भों और सटीक डेटा के साथ दर्शकों को प्रभावित किया। कार्यक्रम का संचालन व संयोजन गब्बर सिंह ने किया। मानविकी संकाय की डीन डॉ. रुचि मिश्रा तिवारी और विधि संकाय के डीन डॉ. नीलेश तिवारी भी उपस्थित रहे।
परिणाम
प्रथम स्थान: रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल
द्वितीय स्थान: सत्य साई कॉलेज फॉर वुमेन, भोपाल
तृतीय स्थान: सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भोपाल
एंकरिंग श्रेणी
प्रथम: आशीष (आशुतोष)
द्वितीय: आदित्य सोनकर
तृतीय: अवनि रघुवंशी
विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं प्रशस्ति–पत्र प्रदान किए गए।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि अजातशत्रु श्रीवास्तव ने युवाओं के उत्साह और तर्क–कौशल की सराहना करते हुए कहा कि “भारत का भविष्य युवा मनों की स्पष्टता और साहस से तय होगा। वाद–विवाद केवल तर्कों का आदान–प्रदान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संवाद और नई सोच का मार्ग प्रशस्त करने वाला माध्यम है।” युवाओं में वैचारिक प्रखरता होना आज के समय की आवश्यकता है। आज जब सभी लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर निर्भर होते जा रहे हैं ऐसे में युवाओं को विशेष सतर्कता की बरतने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया।
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