ITDC India e-Press / Agencies

: छत्तीसगढ़ में पीवीएपी के जरिए भूमि सत्यापन की प्रक्रिया में बड़ी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। कवर्धा जिले में एक ही खसरे में पूरे गांव का रिकॉर्ड दर्ज होने का मामला सामने आया है। वहीं, भाठागांव के एक खेत की लोकेशन अफ्रीका में दिखाई देने से डिजिटल सत्यापन प्रणाली की सटीकता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, सत्यापन के दौरान भूमि के रिकॉर्ड और उसकी वास्तविक भौगोलिक स्थिति के बीच अंतर पाया गया। कवर्धा में एक खसरे के अंतर्गत पूरे गांव का दर्ज होना रिकॉर्ड की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। दूसरी ओर, भाठागांव के खेत की लोकेशन अफ्रीका में दिखना तकनीकी या डेटा संबंधी त्रुटि की ओर संकेत करता है।

डिजिटल माध्यम से भूमि का सत्यापन करने का उद्देश्य रिकॉर्ड और वास्तविक स्थान का मिलान करना है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे। लेकिन इस तरह की गड़बड़ियां सामने आने से सत्यापन के नतीजों पर भरोसे को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अब इन त्रुटियों के कारणों और संबंधित रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।


Hashtags: #ChhattisgarhState #Bhopal #पीवीएपी #सत्यापन #गड़बड़ी #खसरे #दर्ज #हुआ #पूरा #पीवीएपीसत्यापनमेंगड़बड़ी