सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बिहार विधानसभा के 18वें सत्र की शुरुआत होते ही प्रेम कुमार को निर्विरोध अध्यक्ष (स्पीकर) पद की शपथ दिलाई गई। भाजपा (Bharatiya Janata Party, BJP) के वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार, जो इस बार नौवीं बार विजयी हुए हैं, को विपक्ष की ओर से कोई प्रत्याशी न मिलने के कारण स्पीकर बनाया गया।

उनकी इस “निर्विरोध” जीत से स्पष्ट हो गया है कि गठबंधन में भाजपा की प्राथमिकता और राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो चुकी है। पहले गृह विभाग पर कब्जा, अब विधानसभा अध्यक्ष का पद — यह संकेत है कि भाजपा गठबंधन में ‘बड़ा भाई’ बनकर उभर रही है।

लोकनीति के जानकारों के अनुसार, इस जीत से प्रेम कुमार की साख और अनुभव दोनों पर भरोसा जताया गया है — और आने वाले समय में विधानसभा की कार्यवाही, एजेंडा तय करना, विधायी प्राथमिकताएँ आदि पर भाजपा की पकड़ और मजबूत हो सकती है।

दूसरी ओर, विपक्ष के लिए यह एक चुनौती है — क्योंकि अब सदन की प्रक्रिया, चर्चा, निर्णय — इन सब पर भाजपा-नियंत्रित गठबंधन की भूमिका बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में सत्ता-संतुलन, दलों के बीच गठबंधन की दिशा, और विधानसभा की विधायी प्रक्रिया — अब भाजपा के हाथ में एक मजबूत स्थिति के साथ दिख रही है।

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