सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / मालेगांव  :  पूर्व बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में बरी होने के बाद बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान अधिकारियों ने उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेने का दबाव डाला था।

यह बयान उस समय आया जब एनआईए की विशेष अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित और पांच अन्य को सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने सबूतों के अभाव और गवाहों के बयानों से पलटने के आधार पर यह निर्णय दिया। मालेगांव बम धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।

प्रज्ञा ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रयास ‘भगवा आतंकवाद’ का झूठा चित्रण करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने साजिश के तहत राजनीतिक नाम घसीटने की कोशिश की। इसी तरह, एक गवाह ने कोर्ट में बताया कि उससे जबरन सीएम योगी और आरएसएस नेताओं के नाम बोलने को कहा गया था।

पूर्व ATS अधिकारी मेहबूब मुजावर ने भी खुलासा किया कि उन्हें मोहन भागवत को गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।

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