सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  लास वेगास में खेले जा रहे फ्रीस्टाइल चेस ग्रैंड स्लैम टूर में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रगनानंदा ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को ग्रुप स्टेज के चौथे राउंड में केवल 39 चालों में हराकर सभी को चौंका दिया।

इस प्रतियोगिता में हर खिलाड़ी को 10 मिनट का समय और हर चाल पर 10 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलता है। 19 वर्षीय प्रगनानंदा ने यह मैच जीतकर दिखा दिया कि वे दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल होने की पूरी काबिलियत रखते हैं।

तीनों फॉर्मेट में कार्लसन को हराने वाले बने

मैग्नस कार्लसन के खिलाफ यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि अब प्रगनानंदा ने क्लासिकल, रैपिड, और ब्लिट्ज, तीनों फॉर्मेट में कार्लसन को हरा दिया है। इस जीत के बाद वह 4.5 अंकों के साथ टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से टॉप पर पहुंच गए हैं।

टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन

पहले राउंड में प्रगनानंदा ने उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के खिलाफ ड्रॉ खेला।

दूसरे राउंड में असाउबायेवा के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की।

तीसरे राउंड में काले मोहरों से खेलते हुए कीमर को मात दी।

और अब चौथे राउंड में वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को हराकर उन्होंने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

एक साधारण परिवार से निकले असाधारण खिलाड़ी

चेन्नई में जन्मे प्रगनानंदा के पिता स्टेट कॉर्पोरेशन बैंक में काम करते हैं और मां नागलक्ष्मी गृहिणी हैं। उनकी बड़ी बहन वैशाली आर भी शतरंज खिलाड़ी हैं। प्रगनानंदा ने मात्र 7 साल की उम्र में वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीतकर पहचान बनाई और 10 साल की उम्र में इंटरनेशनल मास्टर और 12 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर बनकर नया कीर्तिमान रच दिया।

निष्कर्ष

प्रगनानंदा की यह जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय शतरंज के उज्जवल भविष्य की गवाही है। लगातार शीर्ष खिलाड़ियों को हराकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि भारत अगली पीढ़ी के चेस चैंपियंस तैयार कर चुका है।

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