सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :जीवन की जटिलताओं का हल सकारात्मक विचारों से सम्भव है युवाओं मे  अनियमित दिनचर्या, लगातार  असफलता और साथियों से असंतुलित  तुलना  व नकारात्मक विचारो से अवसाद की प्रवृति बढ़ रही  है जिसकी परिणीति आत्महत्या जैसे अपराधों तक हो जाती है ,उक्त विचार नेशनल हेल्थ सर्विस इंग्लैंड की प्रसिद्ध मनोचिकित्सक  डॉ दीपा जैन ने विद्यार्थियों  मे बढ़ती हुई आत्महत्या की प्रवृति रोकने हेतु नेशनल टास्क फोर्स द्वारा चलाये अभियान के अंतर्गत बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल भोपाल में  व्यक्त किये ।

भेल कालेज  मे समाज़शास्त्र विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान मे आयोजित ‘मानसिक अवसाद :एक अदृश्य संघर्ष’  विषय की कार्यशाला मे मुख्य् वक्ता व  मनोचिकित्सक डॉ दीपा ने कहा  कि अनियमित दिनचर्या, उदासी ,मन कि पीड़ा और वेदना छिपाने से अवसाद बढ़ता है ,हमे अपनी समस्याओं को साझा कर के हल निकालना चाहिए ,बेरोजगारी ,बार बार मिलने वाली असफलता ,साथियों से होने वाली तुलना,नींद न आना ,नकारात्मक  विचार आत्महत्या जैसी घटनाओं का कारण बनते हैँ,जिसकी रोकथाम सकारात्मक विचारों और चिंतन से  की जा सकती  है ,उन्होंने  कहा कि जीवन एक संघर्ष है गिरना ,फिर से उठना और धैर्य् से अपने  लक्ष्य पर केंद्रित रहकर प्रयास करने पर उपलब्धियों पाई जा सकती हैँ ,युवाओं को छोटी छोटी बातों पर तनाव और चिंता करने से बचना चाहिए,इस अवसर पर  छात्र छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया तथा अलग कक्ष मे व्यक्तिगत समस्याओं के लिए भी  मार्गदर्शन प्राप्त किया .सभी ने डॉ दीपा के सहज ,सरल और सारगर्भित उदबोधन की  प्रसंशा की तथा छात्राओ ने निःसंकोच अपनी व्यक्तिगत  समस्याओं का हल पाया. विभागाध्यक्ष  प्राणीशास्त्र एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ चारुलता  राठौड़ ने कहा  कि  यह मार्गदर्शन युवाओं को स्वस्थ  जीवन शैली और सकारात्मक  चिंतन के लिए प्रोत्साहित करेगा ।

नेशनल टास्क फोर्स की  कॉलेज  नोडल अधिकारी डॉ अर्चना गौर एवं समाज़शास्त्र विभागाध्यक्ष  डॉ अर्चना शर्मा ने डा दीपा जैन को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि काउंसलिंग थेरेपी, दवाओं जैसा असर करती हैँ ,इस परिप्रेक्ष मे प्राचार्य डॉ संजय जैन ने अवगत कराया कि महाविद्यालय मे प्रति सोमवार एवं मंगलवार दोपहर 12बजे से एक विषय विशेषज्ञ की  निशुल्क  काउंसलिंग की  सुविधा सतत रूप से  उपलब्ध है  जिससे कई छात्र छात्राये  लाभान्वित हो रहे है .यह सुविधा जनसामान्य के लिये भी उपलब्ध  है,कोई भी निर्धारित समय मे कॉलेज मे आ कर निशुल्क सुविधा का लाभ ले सकता है।

#सकारात्मकविचार #मानसिकस्वास्थ्य #अवसादसेराहत #जीवनप्रबंधन #आत्मविश्वास #सकारात्मकसोच #मानसिकशांति