सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के दौरान एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक क्षण देखने को मिला, जब मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित भगवद गीता भेंट की। यह उपहार आध्यात्मिक संदेश, भारतीय परंपरा और वैश्विक मानवीय मूल्यों का प्रतीक माना गया। मोदी ने इस उपहार की तस्वीर अपने सोशल-मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि भगवद गीता की शिक्षाएँ दुनियाभर के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

यह भेंट केवल औपचारिक कूटनीतिक परंपरा नहीं थी, बल्कि भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों की गहराई को दर्शाने वाला एक अद्वितीय संकेत थी। दोनों देशों के बीच दशकों से स्थापित साझेदारी को यह कदम आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्तर पर नई मजबूती प्रदान करता है।

इस उपहार के बाद इस्कॉन ने भी प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। संस्था ने स्पष्ट किया कि जिस रूसी संस्करण की गीता भेंट की गई, वह उनकी प्रकाशन परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विश्व स्तर पर भारतीय दर्शन और कृष्ण भावनामृत का प्रसार करना है। इस्कॉन के अनुसार, मोदी द्वारा इस गीता को पुतिन को भेंट करना, भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व और उसकी स्वीकृति का स्पष्ट संकेत है।

यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि धर्म-साहित्य आधुनिक कूटनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। गीता जैसी पवित्र पुस्तक का आदान-प्रदान सांस्कृतिक संवाद, सम्मान, आध्यात्मिक समझ और दोस्ती की पुल का निर्माण करता है, जो वैश्विक राजनीति में सौहार्द और मानवता के मूल्य को स्थापित करता है।

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