सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: ऑनलाइन होटल बुकिंग कंपनी OYO को पहली बार किसी वित्त वर्ष में मुनाफा हासिल हुआ है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 100 करोड़ रुपए रहा। कंपनी के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने बीते दिन यह जानकारी दी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा- एक खुश कस्टमर या होटल पार्टनर मेरे चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान लाता है, FY24 के हमारे पहले फाइनेंशियल ने मुझे भी विनम्र बना दिया है। हमारा पहला नेट प्रॉफिट वाला वित्तीय वर्ष लगभग 100 करोड़ रुपए रहा।
यह पॉजिटिव EBITDA की लगातार आठवीं तिमाही है और हमारे पास लगभग ₹1000 करोड़ का कैश बैलेंस भी है। रितेश ने कहा कि ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग फर्म फिच ने भी हमारे इंप्रूव्ड परफॉर्मेंस और स्ट्रांग कैश फ्लो पर ध्यान दिया है, जिससे हमारी क्रेडिट रेटिंग में सुधार हुआ है।
न केवल भारत बल्कि नॉर्डिक, अमेरिका और ब्रिटेन सहित अन्य मार्केट में ग्रोथ
रितेश अग्रवाल ने कहा कि मैं न केवल भारत बल्कि नॉर्डिक, दक्षिण पूर्व एशिया, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे अन्य प्रमुख मार्केट में भी उभरते टूरिज्म ट्रेंड, आध्यात्मिक यात्रा, बिजनेस यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग के साथ ग्रोथ देख रहा हूं।
इस हफ्ते की शुरुआत में फिच ने सुधारी थी कंपनी की रेटिंग
ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग फर्म फिच रेटिंग्स ने इस हफ्ते की शुरुआत में ओयो की मूल कंपनी ओरावेल स्टेज की रेटिंग को ‘बी-‘ से ‘बी’ किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में OYO ने अपने प्लेटफार्म पर करीब 5 हजार होटल और 6 हजार मकान ऐड किए हैं।
जल्द IPO लाने के लिए दोबारा ड्राफ्ट जमा करेगी OYO
ओयो IPO लाने के लिए फिर से ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की तैयारी कर रही है। न्यूज एजेंसी PTI ने 18 मई को बताया था कि ओयो डॉलर बॉन्ड की बिक्री के जरिए 45 करोड़ डॉलर जुटाने के लिए अपनी री-फाइनेंसिंग की प्लानिंग को जल्द फाइनल करने वाली है।
जेपी मॉर्गन 9% से 10% की अनुमानित सालाना ब्याज दर पर डॉलर बॉन्ड की बिक्री के माध्यम से रीफाइनेंसिंग के लिए लीड बैंकर हो सकता है। ओयो ने पहले ही अपने मौजूदा DRHP को वापस लेने के लिए मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास एप्लीकेशन फाइल कर दिया है। कंपनी का इरादा बॉन्ड इश्यू होने के बाद SEBI के पास अपडेटेड DRHP दाखिल करने का है।
DRHP क्या होता है?
DRHP वो डॉक्यूमेंट होते हैं जिसमें IPO की योजना बनाने वाली कंपनी के बारे में आवश्यक जानकारी रहती है। इसे सेबी के पास दाखिल किया जाता है।
इसमें कंपनी के फाइनेंस, इसके प्रमोटर, कंपनी में इन्वेस्ट करने के जोखिम, फंड जुटाने के कारण, फंड का उपयोग कैसे किया जाएगा, अन्य बातों के साथ महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं।
कंपनियां क्यों लाती हैं IPO?
कारोबार बढ़ाने के लिए : जब भी कोई कंपनी आईपीओ लाने का फैसला करती है तो आमतौर पर वो कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी जुटाना चाहती है। इससे कंपनी को कारोबार के विस्तार के लिए आवश्यक धनराशि मिल जाती है और उसे कर्ज नहीं लेना पड़ता है।
ब्रांडिंग में मदद : एक्सचेंज पर लिस्टिंग के बाद कंपनी की ब्रांडिंग में मदद मिलती है। इससे लोग उस कंपनी के बारे में ज्यादा जानने लगते हैं।
जोखिम का बंटवारा : जब आप कंपनी का शेयर खरीदते हैं तो उसके प्रमोटर की तरह जोखिम में आप भी हिस्सेदार बन जाते हैं। जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास कितने शेयर हैं। लेकिन प्रमोटर अपना जोखिम बहुत सारे लोगों में बांटने में जरूर कामयाब हो जाता है।