सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान कई बार ऐसा होता है कि 1400 रुपये का स्पीकर अचानक 1475 रुपये में दिखता है, और ग्राहक को यह समझ नहीं आता कि कीमत बढ़ी क्यों। इसके पीछे कंपनियां Dark Pattern का इस्तेमाल करती हैं, जो ग्राहकों की निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है।
Dark Pattern तकनीक में वेबसाइट और एप्लिकेशन के डिजाइन इस तरह बनाए जाते हैं कि ग्राहक अधिक खर्च करने के लिए उकसाए जाएं। उदाहरण के लिए, सीमित समय का ऑफर दिखाना, उत्पाद की कीमत अचानक बढ़ा देना, या डिस्काउंट को भ्रमित करने वाले तरीके से दिखाना।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह रणनीति केवल ग्राहकों की झुंझलाहट और भ्रम का फायदा उठाकर कंपनियों के मुनाफे को बढ़ाती है। डिजिटल मार्केटिंग में इन तरीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, और आम उपभोक्ताओं के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
ग्राहक सलाहकार और कंज्यूमर फोरमों का कहना है कि ऐसे Dark Pattern के कारण ऑनलाइन शॉपिंग में पारदर्शिता कम हो रही है। खरीदारी करते समय कीमत, ऑफर और डिस्काउंट को ध्यान से देखना चाहिए।
इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए उपभोक्ताओं को वेबसाइट की शर्तें पढ़नी चाहिए, रिव्यू और रेटिंग्स देखनी चाहिए और सर्टिफाइड प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करनी चाहिए।