सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :भारत में पुरानी गाड़ियों के फिटनेस टेस्ट की फीस में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके चलते कार और बाइक मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। नई दरों के अनुसार 20 साल पुरानी कार के फिटनेस टेस्ट के लिए अब ₹15,000 तक शुल्क देना होगा, जबकि मोटरसाइकल मालिकों को लगभग ₹2,000 की फीस चुकानी पड़ेगी। सरकार का दावा है कि यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और पुराने वाहनों के बेहतर रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। लेकिन वाहन मालिकों का कहना है कि अचानक बढ़ी हुई फीस उनके बजट पर सीधा असर डालेगी।

नई दरों के तहत फिटनेस टेस्ट की फीस पहले की तुलना में 10 गुना तक बढ़ गई है, जिससे लाखों पुराने वाहन धारकों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन नागरिकों को प्रभावित करेगा जो निजी परिवहन के लिए पुराने वाहनों पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लोग पुराने वाहन बदलकर नए, पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित वाहनों की ओर बढ़ेंगे।

सरकार पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। नई फीस दरें इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जो आने वाले वर्षों में वाहन प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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