सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  :  बॉलीवुड में आउटसाइडर एक्टर्स को किन संघर्षों का सामना करना पड़ता है, इस पर एक्ट्रेस नुसरत भरूचा (Nushrratt Bharuccha) ने हाल ही में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह एक फिल्म के लिए उन्हें तीन साल तक इंतजार करवाया गया और जब सबकुछ फाइनल हो गया, तो उन्हें बिना किसी जानकारी के फिल्म से निकाल दिया गया।

नुसरत, जिन्होंने प्यार का पंचनामा और सोनू के टीटू की स्वीटी जैसी हिट फिल्मों में काम कर इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई, ने कहा कि आउटसाइडर होने के कारण उन्हें कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि एक बार नहीं, बल्कि कई बार उन्हें उनकी अपनी ही फिल्मों की फ्रेंचाइजी से बाहर कर दिया गया।

एक इंटरव्यू में नुसरत ने कहा,”मैं तीन साल तक उस फिल्म का हिस्सा रही, स्क्रिप्ट पढ़ी, मीटिंग्स की, शेड्यूल की बात हुई। और फिर एक दिन पता चला कि मैं अब उस फिल्म का हिस्सा नहीं हूं।”

उन्होंने बताया कि यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि वह उस प्रोजेक्ट से भावनात्मक रूप से जुड़ चुकी थीं।

नुसरत ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में आज भी टैलेंट से ज्यादा कनेक्शन और पहचान को तवज्जो दी जाती है। लेकिन वह मानती हैं कि मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ते रहना ही सही रास्ता है।

यह बयान नुसरत भरूचा जैसे कई आउटसाइडर कलाकारों के संघर्ष और सच्चाई को उजागर करता है, जो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करते हैं।

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