निवेश का महत्व सदियों से अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है, परंतु यह तभी सफल होता है जब इसमें गहराई से संवाद, पारस्परिक आत्मीयता और दोनों पक्षों के लिए समान आर्थिक लाभ सुनिश्चित हो। इस सूत्र को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बखूबी समझा है।

संवाद की आवश्यकता
एक व्यापारी या निवेशक अपनी पूंजी निवेश से पूर्व इस बात की आश्वस्ति चाहता है कि जिस स्थान में वह निवेश कर रहा है, न केवल वह सुरक्षित है बल्कि वहाँ सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी परिप्रेक्ष्य में, संवाद की महत्ता को निरुक्त के आचार्य ऋषि यास्क ने भी अपने लेखन में प्रमुखता से रेखांकित किया है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025: नए अवसरों की दिशा
भोपाल में हो रही ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025’ ने निवेशकों, व्यवसायियों और उद्योगों के लिए ‘अनंत संभावनाओं’ की राह खोल दी है। इस समिट की सफलता का प्रमाण यह भी है कि देश के शीर्ष नेता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत, इस आयोजन के महत्व को समझते हुए यहां समय निकालते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर अपने संवाद कौशल और नवाचार की पहल से राज्य में रोजगार और समृद्धि के नए अवसर पैदा करने का संकल्प व्यक्त किया।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संवाद
मुख्यमंत्री यादव ने अपने देश-विदेश के दौरों में, जैसे कि जापान, जर्मनी और यूके में उद्योगपतियों से किए गए संवादों के माध्यम से मध्य प्रदेश को एक औद्योगिक हब बनाने का संकल्प जताया। जापान, जो वर्तमान में मध्य प्रदेश का प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार है, ने वित्त वर्ष 2023-24 में 22.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का व्यापार किया है। राज्य में ब्रिजस्टोन, पैनासोनिक, सनोह, एनएचके और कोमात्सू जैसी प्रमुख कंपनियां सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं।

आगामी योजनाएँ और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव न केवल घरेलू निवेशकों से संवाद बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि उन्होंने विदेशी निवेशकों को भी मध्य प्रदेश में आने का आमंत्रण दिया है। 60 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से आयोजित होने वाले समिट में विभिन्न सेशन, प्री-बिड और थीम आधारित बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, उन्होंने पीथमपुर, इंदौर, देवास, उज्जैन और धार को जोड़ते हुए एक विस्तृत इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की महत्वाकांक्षा व्यक्त की है, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निरंतर संवाद और नवाचार की पहल से मध्य प्रदेश अपनी औद्योगिक क्षमताओं को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। इन प्रयासों के जरिए राज्य न केवल आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर होगा, बल्कि देश के अन्य हिस्सों के लिए भी रोजगार और विकास के नए आयाम खोल देगा।