सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एनआईटीटीटीआर भोपाल में मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के फैकल्टी मेंबर्स के लिए सेमीकंडक्टर साइंस एंड टेक्नोलॉजी एवं इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स विषय पर 5 दिवसीय 5 ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे है। जिससे इस क्षेत्र के बारे में टीचर्स और उनके माध्यम से स्टूडेंट्स को भी इस इमर्जिंग एरिया के बारे में जानकारी मिल सके। संस्थान के निदेशक सी सी त्रिपाठी के अनुसार आज दुनिया सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की और देख रही हे। हमारे शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि वे इस क्षेत्र में शोध एवं नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक करें, ताकि वे सेमीकंडक्टर उद्योग में एक सफल करियर की दिशा में आगे बढ़ सकें।प्रशिक्षित शिक्षक पाठ्यक्रम को उद्योगोन्मुखी बनाने एवं छात्रों को सेमीकंडक्टर आधारित प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और करियर विकल्पों में सही दिशा दिखा सकते हैं। प्रो. पी.के. पुरोहित, डीन (कॉर्पोरेट एवं इंटरनेशनल रिलेशंस) एवं समन्वयक मध्य प्रदेश ने कहा कि संस्थान द्वारा हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के टीचर्स के लिए इस वर्ष 75 ट्रेनिंग प्रोग्राम किये जा रहे हैं जिनमे से 51 कार्यक्रमों के माध्यम से 1800 से अधिक टीचर्स एवं 8 प्रोग्राम के माध्यम से 250 स्टूडेंट्स को इमर्जिंग एरिया में ट्रेनिंग दी जा चुकी। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स विषय पर ट्रेनिंग में टीचर्स को कॉपीराइट, पेटेंट, ट्रेडमार्क,इंडस्ट्रियल डिज़ाइन,जीआई टैग, ट्रेड सीक्रेट, प्लांट वैरायटी प्रोटेक्शन आदि पर विस्तृत ट्रेनिंग प्रदान की जा रही हे जिससे टीचर्स शैक्षणिक सामग्री की सुरक्षा,, दूसरों की सामग्री का सही उपयोग,किताबों, वेबसाइटों, वीडियो या शोधपत्रों का उपयोग करते समय कॉपीराइट नियमों का पालन करना, प्लेगरिजम से बचाव , छात्रों को जागरूक कर आज के डिजिटल युग में छात्रों को सही संदर्भ देना, मौलिकता बनाए रखना और ऑनलाइन सामग्री का सही उपयोग के लिए शिक्षक को आईपीआर की समझ होनी चाहिए। जिससे शिक्षक जब अनुसंधान करते हैं, प्रोजेक्ट बनाते हैं या नया विचार विकसित करते हैं, तो पेटेंट और कॉपीराइट उनके नवाचार की रक्षा करते हैं। आई पी आर नियमों की समझ होने से शिक्षक अनजाने में किसी सामग्री का गलत उपयोग करने की गलती से बच सकते हैं।
#एनआईटीटीटीआर #फैकल्टीप्रशिक्षण #सेमीकंडक्टर #IPR #शिक्षाप्रशिक्षण #टेक्नोलॉजीएजुकेशन #शिक्षाउत्कृष्टता