सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   /   नई दिल्ली  : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद रिक्त हो गया है। धनखड़ ने सोमवार रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उपराष्ट्रपति पद के लिए मध्यावधि चुनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारत के इतिहास में ऐसा केवल तीसरी बार हुआ है जब किसी उपराष्ट्रपति ने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया है।

इससे पहले, वीवी गिरि और आर. वेंकटरमन ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए उपराष्ट्रपति पद छोड़ा था। अब उनके बाद धनखड़ तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए हैं जिन्होंने पद छोड़ने का यह कदम उठाया है।

संविधान में उपराष्ट्रपति की अनुपस्थिति के लिए कार्यवाहक का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह सदन की अध्यक्षता संभालेंगे।

चुनाव आयोग जल्द ही उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख की घोषणा करेगा। नए उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्षों का होगा। यह चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित और नामित सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

उपराष्ट्रपति का पद न केवल राज्यसभा के सभापति का होता है, बल्कि कई संवैधानिक जिम्मेदारियों से भी जुड़ा होता है। ऐसे में नए उपराष्ट्रपति का चुनाव एक अहम राजनीतिक प्रक्रिया बनने वाला है।

अब देश की नजर चुनाव आयोग की घोषणा और संभावित उम्मीदवारों पर टिकी है।

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