सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने ट्रम्प को खासतौर पर ‘गोल्डेन पेजर’ गिफ्ट किया। इजराइली प्रधानमंत्री के कार्यालय की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई है।

दरअसल, यह गिफ्ट लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल के ऑपरेशन का प्रतीक है। इजराइल ने 17 सितंबर को हिजबुल्लाह के लड़ाकों पर हमला करने के लिए पेजर का इस्तेमाल किया था। इसमें करीब 40 लोग मारे गए थे और 3 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

ट्रम्प को गिफ्ट मिले गोल्डेन पेजर की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। यह पेजर एक लकड़ी के खांचे में फिट है। इस पर काले अक्षरों में लिखा है- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। हमारे सबसे बड़े मित्र और सबसे बड़े सहयोगी। बेंजामिन नेतन्याहू।

गोल्डन पेजर पर लिखा है- प्रेस विद बोथ हैंड्स।
गोल्डन पेजर पर लिखा है- प्रेस विद बोथ हैंड्स।

ट्रम्प ने भी नेतन्याहू को रिटर्न गिफ्ट दिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिफ्ट मिलने के बाद नेतन्याहू ने ट्रम्प से कहा- वह एक शानदार ऑपरेशन था।

ट्रम्प ने भी नेतन्याहू को एक तस्वीर गिफ्ट की जिसमें ट्रम्प और नेतन्याहू हैं। इस पर लिखा है- बीबी, एक महान नेता। बीबी, नेतन्याहू का उपनाम है। इस पर दोनों नेताओं के दस्तखत हैं।

इस तस्वीर को पीएम नेतन्याहू के बेटे याइर नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
इस तस्वीर को पीएम नेतन्याहू के बेटे याइर नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

हिजबुल्लाह ने अपने सदस्यों को दिए थे पेजर्स पेजर एक वायरलेस डिवाइस होता है जिसका इस्तेमाल संदेश भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर छोटे स्क्रीन और लिमिटेड कीपैड के साथ आता है। इसकी मदद से संदेश या अलर्ट्स को जल्दी प्राप्त किया जा सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन पेजर्स में विस्फोट हुआ, उन्हें हाल ही में हिजबुल्लाह ने अपने सदस्यों को इस्तेमाल करने को दिया था। गाजा जंग शुरू होने के बाद हिजबुल्लाह ने अपने सदस्यों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने को मना किया था। इजराइल के किसी संभावित हमले से बचने के लिए यह सलाह दी गई थी।

जुलाई में हसन नसरल्लाह ने लोगों से मोबाइल डिवाइस और सीसीटीवी का इस्तेमाल बंद करने को कहा था, क्योंकि उन्हें डर था कि इजराइली एजेंसी इन्हें हैक कर सकती है।

इजराइल को महीनों से पता थी नसरल्लाह की लोकेशन न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इजराइली नेताओं को कई महीनों से नसरल्लाह की लोकेशन की जानकारी थी। वे 1 हफ्ते पहले ही उस पर हमले की योजना बना चुके थे। दरअसल, इजराइली अधिकारियों को डर था कि नसरल्लाह कुछ दिनों में किसी दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट हो जाएगा।

ऐसे में उस पर हमले के लिए उनके पास बेहद कम समय था। इसके बाद 27 सितंबर को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने UN में भाषण देने के बाद अपने होटल रूम से हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर हमले की इजाजत दी थी।

ABC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल पिछले 15 सालों से पेजर अटैक की प्लानिंग कर रहा था। हमले की प्लानिंग में शेल कंपनियां शामिल थीं। अलग-अलग लेवल पर इजराइल के इंटेलिजेंस अफसर प्लान को आगे बढ़ा रहे थे। खुफिया अधिकारियों ने एक ऐसी कंपनी बनाई थी, जो रिकॉर्ड के मुताबिक लंबे समय से पेजर मैन्युफैक्चरिंग कर रही थी।

कंपनी में कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्हें इस साजिश के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सूत्रों ने बताया कि पेजर्स में 25-50 ग्राम तक विस्फोटक लगाए गए थे। इसे ट्रिगर करने के लिए एक रिमोट से भी जोड़ा गया था।

लेबनान के सब्जी मार्केट में पेजर धमाके से अफरा-तफरी मच गई थी।
लेबनान के सब्जी मार्केट में पेजर धमाके से अफरा-तफरी मच गई थी।

हिजबुल्लाह ने 5 महीने पहले खरीदे पेजर, वॉकी-टॉकी; दोनों में ब्लास्ट हुआ जिन पेजर्स में ब्लास्ट हुआ, हिजबुल्लाह ने उन्हें करीब 5 महीने पहले खरीदा था। उसी समय पर बातचीत के लिए दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस वॉकी-टॉकी को भी खरीदा गया था, जिसमें 18 सितंबर को ब्लास्ट हुआ था। 19 सितंबर को अपने भाषण में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह ने कहा था कि संगठन के टॉप लीडर्स के पास पुराने पेजर्स मौजूद थे। उनके पास वो नए डिवाइस नहीं थे, जिनके जरिए हमला किया गया।

नसरल्लाह ने कहा था कि इजराइल पेजर्स के जरिए 5 हजार हिजबुल्लाह सदस्यों को मारना चाहता था। उन्हें पहले से पता था कि हिजबुल्लाह इन डिवाइस का इस्तेमाल करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA लंबे समय से इस तरह के ऑपरेशन को टाल रही है, क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर आम नागरिकों की जान को खतरा हो सकता है।

शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि लेबनान में विस्फोट होने वाले पेजर्स को हंगरी की कंपनी BAC कंसल्टिंग ने ताइवान की कंपनी गोल्ड अपोलो से हुए कॉन्ट्रैक्ट के तहत बनाया था। हालांकि, हंगरी सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि पेजर्स को बनाने वाली कंपनी की देश में कोई फैक्ट्री नहीं है, न ही इन पेजर्स को हंगरी में बनाया गया था।

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