सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली-एनसीआर के खुदरा परिदृश्य में दिख रहा है जबरदस्त पुनरुत्थान।

कोविड के बाद मॉल्स में ग्राहक संख्या न केवल लौट आई है, बल्कि सप्ताहांत, छुट्टियों और त्योहारों के दौरान यह पूर्व-कोविड स्तरों से भी अधिक हो गई है। यह पुनरुत्थान उपभोक्ता व्यवहार में गहरे बदलाव को दर्शाता है, जहां भौतिक स्थान एक बार फिर से खरीदारी, सामाजिक मेल-जोल और मनोरंजन का केंद्र बनते जा रहे हैं।

इसी के मद्देनज़र, मॉल संचालक और डेवलपर इन स्थानों को केवल लेन-देन केंद्र नहीं बल्कि अनुभवों से भरपूर सामाजिक केंद्र के रूप में फिर से परिभाषित कर रहे हैं। वे मनोरंजन, सामुदायिक जुड़ाव और क्यूरेटेड अनुभवों का संयोजन कर रहे हैं ताकि डिजिटल रूप से जागरूक और अनुभव-प्रिय उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकें।

भारत का खुदरा क्षेत्र ऐतिहासिक विस्तार की ओर अग्रसर है, जहां 2026 के अंत तक देश के सात प्रमुख शहरों में रिकॉर्ड 1.66 करोड़ वर्ग फुट ग्रेड ए मॉल स्पेस तैयार होने की उम्मीद है, जैसा कि अनारॉक की रिपोर्ट में कहा गया है। इस विकास में हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे हैं, जो कुल नए खुदरा स्पेस का लगभग 65% योगदान देंगे, और एक बार फिर देश के सबसे तेजी से उभरते उपभोक्ता केंद्रों के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेंगे।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि लीजिंग गतिविधि मजबूत बनी हुई है, और 2025-2026 के दौरान लगभग 1.26 करोड़ वर्ग फुट मॉल स्पेस के पट्टे पर दिए जाने की संभावना है। इस वृद्धि का मुख्य कारण है फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, जीवनशैली और खाद्य व पेय क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स का प्रवेश। इसके चलते डेवलपर्स अब गुणवत्ता और स्थान को प्राथमिकता दे रहे हैं और ग्रेड ए डेवलपमेंट्स की ओर स्पष्ट झुकाव देखा जा रहा है।

अर्जुन गहलोत, निदेशक, एम्बिएंस मॉल्स – गुरुग्राम और वसंत कुंज, कहते हैं:

“एनसीआर क्षेत्र में मॉल्स खुदरा अनुभव को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। उपभोक्ता अब गहराई से जुड़ाव, माहौल, आयोजन, वैयक्तिकरण और जीवनशैली एकीकरण को महत्व दे रहे हैं। गुरुग्राम में बढ़ती आय, मजबूत मेट्रो कनेक्टिविटी और अधोसंरचना में महत्वपूर्ण उन्नयन ने इसे भारतीय और वैश्विक ब्रांड्स के लिए एक प्रमुख केंद्र बना दिया है, जो अब दिल्ली को भी टक्कर दे रहा है। एम्बिएंस मॉल्स में हमने इस बदलाव का उत्तर बहु-इंद्रिय अनुभवों वाले वातावरण बनाकर दिया है, जिनमें स्वादिष्ट भोजन, वेलनेस ज़ोन, कला प्रदर्शनी और मनोरंजन क्षेत्र शामिल हैं। हमने स्थायी डिज़ाइन तत्व और पर्यावरण-अनुकूल सजावट भी जोड़ी है ताकि उपभोक्ताओं के बदलते मूल्यों से मेल खा सकें। हमारे मॉल्स ऐसे स्थान हैं जहां लोग केवल खरीदारी नहीं करते बल्कि भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं और बार-बार लौटते हैं।”

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