सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नीदरलैंड्स में बुधवार को आयोजित नाटो समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हालिया युद्ध में बहादुरी से लड़ाई लड़ी, और अब उसे युद्ध के बाद की क्षति से उबरने के लिए अपने ऑयल को बेचने की जरूरत है।
ट्रम्प ने कहा, “मैं चाहूं तो ईरान की ऑयल बिक्री पर रोक लगा सकता हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा। चीन यदि ईरान से ऑयल खरीदना चाहता है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।”
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन चले युद्ध के बाद हाल ही में सीजफायर की घोषणा हुई है। ट्रम्प ने इस युद्ध को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह ट्रम्प का व्यक्तिगत मत है और इसे ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में औपचारिक राहत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
ट्रम्प ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले सप्ताह बातचीत हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में एक नया मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
🖼️ युद्ध के बाद जश्न और नुकसान:
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बेरूत में ईरान समर्थक महिलाओं ने सीजफायर का जश्न मनाया
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खामेनेई और खोमैनी के पोस्टर लहराए गए
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बीर्शेबा (इजराइल) में मिसाइल हमले से क्षतिग्रस्त इमारतें
🔚 निष्कर्ष:
ट्रम्प का यह बयान ईरान के प्रति एक नरम रुख का संकेत माना जा रहा है, जो आने वाली कूटनीतिक बातचीत की भूमिका तय कर सकता है। साथ ही, यह अमेरिका-चीन-ईरान के बीच ऊर्जा व्यापार संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।
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