सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  :  नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) समिट 2025 का दूसरा दिन मतभेदों और विरोध के बीच शुरू हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सदस्य देशों से रक्षा खर्च को बढ़ाकर GDP का 5% करने की मांग की, जिससे समिट की गर्माहट और बढ़ गई।

ट्रम्प ने आरोप लगाया कि अमेरिका NATO में सबसे अधिक योगदान देता है जबकि यूरोपीय देश अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। उन्होंने आर्टिकल 5 के तहत रक्षा सहयोग की गारंटी देने से भी इनकार कर दिया, जिससे संगठन की एकता पर सवाल उठ खड़े हुए।

स्पेन, फ्रांस, कनाडा जैसे देश विरोध में

स्पेन ने स्पष्ट कर दिया कि वह 2.1% से अधिक रक्षा पर खर्च नहीं करेगा। फ्रांस, इटली और कनाडा ने भी 5% लक्ष्य को अव्यावहारिक बताया। NATO महासचिव मार्क रूटे ने ट्रम्प की मांग को संतुलित करने के लिए 3.5% रक्षा और 1.5% सहायक खर्च का प्रस्ताव रखा, लेकिन इस पर भी एकमत नहीं बन सका।

रूस पर चर्चा टाली, जेलेंस्की आमंत्रित पर सीमित

इस बार रूस को लेकर रणनीतिक चर्चा से बचा गया ताकि अमेरिका से टकराव न हो। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को समिट डिनर तक ही सीमित रखा गया। अमेरिका की ओर से पूर्वी यूरोप से सैनिक घटाने की योजना भी चिंता का विषय बनी हुई है।

NATO की प्रासंगिकता पर सवाल

इटली जैसे देश NATO की भूमिका पर ही सवाल उठा रहे हैं। महासचिव रूटे ने उम्मीद जताई कि रूस की साझा धमकी एकता बनाए रखेगी, पर ट्रम्प के आक्रामक रुख ने संगठन में गहराते मतभेदों को उजागर कर दिया है।

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