सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : उज्जैन स्थित विक्रम विश्वविद्यालय एवं इंडियन डेयरी एसोसिएशन पश्चिम क्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “मध्यप्रदेश में डेयरी विकास: संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ” का शुभारंभ स्वर्ण जयंती सभागार में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा, “भारत 1998 से विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक है और मध्यप्रदेश प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में राष्ट्रीय औसत से आगे है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को ‘नेशनल डेयरी कैपिटल’ बनाया जाए। यह संगोष्ठी इस दिशा में ऐतिहासिक पहल है।”


कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, “डेयरी टेक्नोलॉजी केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सहकारी आंदोलन का हिस्सा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा घोषित डेयरी टेक्नोलॉजी संस्थान इस दिशा में मील का पत्थर होगा।”
आईडीए वेस्ट जोन के चेयरमैन जेबी प्रजापति ने कहा, “भारत का डेयरी उद्योग वर्तमान में ₹19,000 बिलियन मूल्य का है और 2033 तक यह ₹57,000 बिलियन तक पहुँचने की संभावना है। यह उद्योग पोषण, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन का केंद्र है।” उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एनिमल डेयरी एंड गोपालन विभाग की स्थापना एवं NDDB के साथ एमओयू को दूरदर्शी निर्णय बताया।
संभागायुक्त संजय गुप्ता ने मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन को 20 लाख टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा और कहा कि डेयरी टेक्नोलॉजी संस्थान को देश का सर्वश्रेष्ठ बनाना उनका सपना है।
उद्घाटन सत्र में सचिव आईडीए माधव पाटगांवकर, कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा, फार्मेसी विभागाध्यक्ष कमलेश दशोरा सहित देशभर से वैज्ञानिक, प्रशासक, तकनीकी विशेषज्ञ, छात्र एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन व वंदना से हुई। संगोष्ठी के आगामी सत्रों में तकनीकी और नीति-निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मंथन होगा।

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