सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंडियन डेयरी एसोसिएशन और विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “मध्य प्रदेश में डेयरी विकास: संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ” की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने की, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
प्रो. भारद्वाज ने बताया कि यह आयोजन भारत के डेयरी सेक्टर के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत, वर्ष 1998 से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक रहा है और वर्तमान में विश्व के कुल दूध उत्पादन का 24% योगदान भारत से है। इसके बावजूद संगठित क्षेत्र द्वारा केवल 25-30% दूध ही प्रोसेस किया जा रहा है, जो कि डेयरी उद्योग के विस्तार के लिए एक बड़ा अवसर है।
उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी राज्य में वास्तविक डेयरी उत्पादों को लेकर उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ डेयरी क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी विकास और टिकाऊ समाधानों पर केंद्रित होगी। चर्चा के विषयों में स्मार्ट डेयरी फार्मिंग, चारे का अनुकूलन, उत्पादन तकनीकें, विपणन रणनीतियाँ और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे विषय शामिल हैं।
IDA के वरिष्ठ अधिकारी जे.आर. दारूवाला, नंदन शर्मा और सुभाष दुबे ने भी सेमिनार की तैयारियों को लेकर आवश्यक सुझाव दिए। यह सेमिनार 43 वर्षों के अंतराल के बाद मध्यप्रदेश में आयोजित हो रहा है और इसे राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव की डेयरी क्षेत्र में अग्रणी बनने की दृष्टि के अनुरूप महत्वपूर्ण पहल बताया गया है।
विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि स्वर्ण जयंती सभागार में 4 एवं 5 जुलाई को होने वाले इस आयोजन के लिए विश्वविद्यालय की सभी समितियां पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही हैं। बैठक में विभागाध्यक्षों और सेमिनार समिति के अन्य सदस्यों ने भी अपनी तैयारियों की जानकारी दी।

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