ITDC India e-Press / Agencies

: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में चक्रवात मुरासु के असर से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन और त्योहारों की तैयारियों को प्रभावित किया है। कई इलाकों में सावन जैसी झड़ी लगी हुई है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल पर बारिश का खतरा मंडराने लगा है। वहीं, बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम होने से दीपावली की रौनक भी फीकी पड़ गई है।

लगातार बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में धान की फसल तैयार है और इस समय मौसम की मार से उपज प्रभावित होने की आशंका है। किसानों के सामने फसल को सुरक्षित रखने और कटाई को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश का सिलसिला जारी रहने से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

दूसरी ओर, दीपावली के मौके पर बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में अपेक्षित चहल-पहल नजर नहीं आ रही है। बारिश के कारण लोग खरीदारी के लिए कम निकल रहे हैं। इससे व्यापारियों को भी कारोबार प्रभावित होने की चिंता है।

त्योहारी सीजन में मौसम की इस बदली स्थिति ने किसानों और कारोबारियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर खेतों में तैयार धान को नुकसान का डर है, तो दूसरी ओर बाजारों में ग्राहकों की कमी से दीपावली की रौनक प्रभावित हो रही है।


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