सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : MRAI (मैटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया) का 12वां IMRC, एशिया का सबसे बड़ा मैटेरियल रीसाइक्लिंग सम्मेलन और प्रदर्शनी, भारत के गुलाबी शहर जयपुर, राजस्थान में 28 से 30 जनवरी 2025 तक नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की रीसाइक्लिंग क्रांति को आकार देने वाले समग्र रुझानों और अवसरों पर चर्चा करना है। यह मंच न केवल नीति निर्माताओं की उपस्थिति में रीसाइक्लिंग उद्योग की चुनौतियों को उजागर करता है बल्कि व्यापार नेटवर्किंग को भी बढ़ावा देता है।

यह सम्मेलन नवोदित खिलाड़ियों को अपनी पहचान बनाने और नई संभावनाओं को तलाशने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। MRAI के 12वें IMRC कार्यक्रम को लक्ष्कॉन स्टील्स लिमिटेड, ग्राविटा इंडिया लिमिटेड, वेस्ट टू रिसोर्स सॉल्यूशंस प्रा. लि., CMR ग्रीन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, मोनो स्टील इंडिया लिमिटेड, पैन गल्फ इंटरनेशनल, जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग प्रा. लि., और आरकेजी इंटरनेशनल FZC ने प्रायोजित किया है।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान सरकार के प्रमुख मंत्रियों की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर इस्पात मंत्रालय, खान मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ नीति निर्माता और NITI आयोग के अधिकारी उपस्थित होंगे। वे रीसाइक्लिंग क्षेत्र के विकास में सरकारी नीतियों की भूमिका पर चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री की नीतियों का समर्थन:

MRAI के अध्यक्ष श्री संजय मेहता ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने रीसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन नीतियां बनाई हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा है और सतत प्रथाओं को अपनाने में सहायता मिली है। इसके अलावा, सरकार का मिशन LiFE (Lifestyle for Environment), एक सार्वजनिक आंदोलन है, जो लोगों को ‘प्रो-प्लैनेट पीपल’ बनने और सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि इन नीतियों ने न केवल अपशिष्ट निपटान के पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया है, बल्कि संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा दिया है। सरकार के प्रोत्साहनों और नियामकीय निर्देशों ने रीसाइक्लिंग की दर में वृद्धि की है और विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।

वैश्विक और घरेलू रीसाइक्लिंग की चर्चा:

यह वैश्विक सभा भारत की रीसाइक्लिंग नीति ढांचे पर अधिक जानकारी प्रदान करेगी। इसमें कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला, तकनीकी नवाचार, व्यापार संबंध बनाने, और जिम्मेदार रीसाइक्लिंग की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मंत्री और विशेषज्ञों की उपस्थिति:

इस रिकॉर्ड-तोड़ सभा के बारे में, MRAI के महासचिव श्री अमर सिंह ने बताया कि यह रीसाइक्लिंग क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी सभा है, जिसमें 40 से अधिक देशों के 2,500 से अधिक प्रतिनिधि और 200 प्रदर्शनी स्टॉल शामिल हैं। इन स्टॉल्स में आईआईटी मुंबई, खड़गपुर, रोपड़ और एनईएमएल जमशेदपुर के रिसर्च और डेवलपमेंट के साथ तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे।

तीन दिवसीय कार्यक्रम का विवरण:

पहले दो दिन:

वैश्विक धातुओं की मांग-आपूर्ति और मूल्य दृष्टिकोण पर चर्चा।

फेरस और नॉन-फेरस धातुओं (जैसे एल्युमिनियम, लेड, जिंक, कॉपर, और स्टेनलेस स्टील) के प्रमुख रीसाइक्लर्स की मौजूदगी।

प्रमुख नीति निर्माताओं का मुख्य संबोधन।

अंतिम दिन (30 जनवरी 2025):

प्लास्टिक, ई-वेस्ट, टायर्स, और ELVs (End-of-Life Vehicles) पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।

इस सत्र में नीति ढांचे, स्थिरता, और सर्कुलर इकोनॉमी पर विस्तृत चर्चा होगी।

सम्मेलन का महत्व:

यह कार्यक्रम रीसाइक्लिंग क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके जरिए प्रतिनिधियों को नीतिगत परिवर्तनों की जानकारी, व्यापारिक नेटवर्किंग, और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने वाले सर्वोत्तम रीसाइक्लिंग प्रथाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

#एमआरएआई #सर्कुलरइकोनॉमी #स्थिरता #रीसाइक्लिंगक्रांति #आईएमआरसी2025