सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून की स्थिति अत्यंत अनुकूल रही है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सोमवार को राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से समीक्षा के दौरान बताया कि अब तक प्रदेश में औसत से 54% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में आज तक 645.20 मिमी वर्षा हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय तक 447.40 मिमी वर्षा हुई थी।
पूर्वी मध्यप्रदेश में औसत से 66% अधिक और पश्चिमी हिस्से में 44% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के 22 प्रमुख बांधों के गेट खोलने की नौबत आ चुकी है। वर्तमान में प्रदेश के बड़े जलाशयों में 69.45% औसत जलभराव हो चुका है, जो पिछले साल के 43.67% जलभराव से काफी अधिक है।


मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि सभी बांधों और जलाशयों की निरंतर निगरानी की जाए और बाढ़ नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। उन्होंने कहा कि बांधों से जल निकासी की सूचना स्थानीय प्रशासन और आमजन तक समय रहते पहुंचाई जाए, ताकि किसी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि 286 चिन्हित बांधों में से 86 में 90% से अधिक जलभराव है, जबकि 31 में 75-90% और 40 बांधों में 50-75% जल भर चुका है।
नदी बेसिनवार आंकड़ों के अनुसार:
नर्मदा बेसिन: बरगी 78.36%, तवा 79.47%, इंदिरा सागर 76%
गंगा बेसिन: बाणसागर 81.18%, महान 81.24%
वैनगंगा: संजय सरोवर 80.31%, पेंच 53.03%
चंबल: गांधी सागर 48.87%, मोहनपुरा 82.16%
सिंध बेसिन: हरसी 113.96%, आवदा 100%, मड़ीखेड़ा 67.48%
प्रदेश के बुंदेलखंड, चंबल और विंध्य क्षेत्र में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। मंत्री ने अधिकारियों से पूर्ण सजगता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो।

#मध्यप्रदेशवर्षा #बांधगेटखुले #अधिकवर्षा #जलसंसाधन #मॉनसून2025 #तुलसीरामसिलावट