प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर हैं। इस दौरान PM मोदी गुवाहाटी में जनसभा की। इस दौरान पीएम ने कहा- कांग्रेस ने देश को खतरे में डालकर रखा था। कांग्रेस ने जब भी सेना के लिए हथियार खरीदे, उसका मतलब हजारों करोड़ का घोटाला था। उन्होंने कहा-
पीएम पहले चाबुआ एयरफील्ड पहुंचे थे। इसके बाद वे वायुसेना के C-130 एयरक्राफ्ट से डिब्रूगढ़ पहुंचे। प्लेन ने यहां मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर लैंडिंग की। मोदी ऐसा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने।
एम मोदी का प्लेन आज सुबह करीब 10 बजे मोरन बाइपास पर बनी ELF पर उतरा। यह एयरस्ट्रिप सैन्य रणनीति के लिए अहम है। यह इलाका चाइना बॉर्डर से लगभग 300km दूर ही है। मोरन हाईवे पर पीएम की मौजूदगी में राफेल, सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमान एरियल शो किया। इस दौरान विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ करके दिखाया। डेमो 30 मिनट तक चला।
पीएम ने इसके बाद ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मन सेतु और IIM गुवाहाटी के टेंपरेरी कैंपस का उद्घाटन किया। पीएम मोदी का यह पिछले तीन महीने में तीसरा असम दौरा है। असम में इसी साल विधानसभा चुनाव है। राज्य में 2016 से लगातार दो बार NDA की सरकार बनी है। इससे पहले 2001–2016 तक कांग्रेस की सरकार थी।
मोरन एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जो सेना और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
ELF का मतलब है कि युद्ध और इमरजेंसी जैसे हालात में हवाई जहाजों को हाईवे पर ही उतारा जाए और यहीं से उड़ान भरने की व्यवस्था हो। इससे सड़क का दोहरा फायदा होता है। रोजमर्रा के ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए।
डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर के कॉन्सेप्ट पर तैयार ELF 40 टन तक के फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम है।
#नरेंद्र_मोदी #असम #वायुसेना #हाईवे_लैंडिंग #राष्ट्रीय_सुरक्षा #भारतीय_वायुसेना