सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर पर साफ दिखाई दे रहा है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस स्थिति के कारण ट्रैवल सेक्टर को हर दिन लगभग ₹5500 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

मध्य-पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं और उड़ानों के मार्ग बदलने की वजह से कई एयरलाइनों और टूर ऑपरेटरों को अपनी सेवाओं में बदलाव करना पड़ा है। इसके कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट और बुकिंग रद्द होने की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि Middle East में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर सीधा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि यह क्षेत्र कई महत्वपूर्ण हवाई मार्गों और पर्यटन स्थलों से जुड़ा हुआ है।

ट्रैवल उद्योग से जुड़े संगठनों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो एयरलाइंस, होटल, टूर ऑपरेटर और संबंधित सेवाओं को लंबे समय तक आर्थिक दबाव झेलना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव ने वैश्विक यात्रा उद्योग के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं और सेक्टर को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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