सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में मेलबर्न की पिच ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। इस टेस्ट में कुल 847 गेंदें ही फेंकी गईं, और मैच मात्र दो दिनों में समाप्त हो गया। यह एशेज इतिहास का सातवां टेस्ट है जो दो दिन के भीतर खत्म हुआ। क्रिकेट विशेषज्ञ और फैंस इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या ICC इस तरह की पिच पर कोई कार्रवाई करेगा।
मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बल्लेबाजों को पिच के असामान्य बाउंस और गति का सामना करना पड़ा। कई पूर्व खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह मैच खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण नहीं बल्कि पिच की वजह से असंतुलित था। ICC की पिच निगरानी समिति इस मामले की समीक्षा कर सकती है और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच रोमांचक तो था, लेकिन खेल की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल भी खड़े कर गया। अब ICC से फैंस और विश्लेषक यह उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य के एशेज मैच में खिलाड़ियों के लिए समान और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सुनिश्चित की जाएंगी।
मेलबर्न टेस्ट की यह स्थिति क्रिकेट जगत में पिच और मैच रेगुलेशन पर नई बहस को जन्म दे रही है।