सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मणिपाल समूह की संस्थाओं ने अपने संस्थापक डॉ. टी.एम.ए. पाई की 127वीं जयंती 30 अप्रैल 2025, बुधवार को मणिपाल में एक श्रद्धांजलिपूर्ण और गरिमामयी समारोह में मनाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आंध्र प्रदेश के महामहिम राज्यपाल माननीय न्यायमूर्ति श्री एस. अब्दुल नज़ीर ने डॉ. टी.एम.ए. पाई को ‘दूरदर्शी युगपुरुष’ बताते हुए उनके शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए अग्रणी प्रयासों को याद किया, जिन्होंने अनगिनत जीवनों को रूपांतरित किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।

न्यायमूर्ति नज़ीर ने डॉ. पाई को एक बहुआयामी व्यक्तित्व – शिक्षाविद, बैंकर, परोपकारी और सच्चे राष्ट्र निर्माता के रूप में याद किया। उन्होंने कहा, “डॉ. पाई का मानना था कि निरक्षरता और अस्वस्थता को मिटाकर गरीबी को समाप्त किया जा सकता है। वे सच्चे कर्मयोगी थे। वे शिक्षित बच्चों को केवल परिवारों की संपत्ति नहीं, बल्कि एक प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला मानते थे।”

राज्यपाल ने व्यक्तिगत भावनात्मक जुड़ाव साझा करते हुए कहा, “मैं मूदबिद्री स्थित महावीर कॉलेज का गौरवान्वित पूर्व छात्र हूं, जिसे डॉ. टी.एम.ए. पाई ने स्थापित किया था। उनके दृष्टिकोण ने मेरी शैक्षणिक यात्रा और करियर को आकार दिया।”

इस अवसर पर मणिपाल समूह के अनेक प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे जिनमें मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) ट्रस्ट की ट्रस्टी श्रीमती वसंती आर. पाई, ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रंजन आर. पाई (MAHE), एकेडमी ऑफ जनरल एजुकेशन के रजिस्ट्रार और MEMG बेंगलुरु के चेयरमैन, डॉ. टी.एम.ए. पाई फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री टी. अशोक पाई, मणिपाल मीडिया नेटवर्क लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष एवं AGE के उपाध्यक्ष श्री टी. सतीश यू. पाई, MAHE के प्रो-चांसलर एवं AGE के अध्यक्ष डॉ. एच.एस. बल्लाल, तथा MAHE के कुलपति ले. जनरल (डॉ.) एम.डी. वेंकटेश (वीएसएम, सेवानिवृत्त) सम्मिलित थे। मणिपाल समूह के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी इस आयोजन में उपस्थित रहे, जिससे यह समारोह डॉ. पाई की स्थायी विरासत का भव्य उत्सव बन गया।

हर वर्ष मणिपाल समूह की संस्थाएं 30 अप्रैल को संस्थापक दिवस के रूप में डॉ. टी.एम.ए. पाई की जयंती मनाकर उनकी विरासत को स्मरण करती हैं। उन्होंने एक समय उजाड़ रहे मणिपाल की पहाड़ी को एक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शैक्षणिक केंद्र में बदल दिया।

इस वर्ष के समारोह की शुरुआत डॉ. पाई को सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई।

समारोह में उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए डॉ. एच.एस. बल्लाल (प्रेसिडेंट-AGE मणिपाल एवं प्रो-चांसलर-MAHE) ने कहा, “हमारे संस्थापक डॉ. टी.एम.ए. पाई की असाधारण दूरदृष्टि ने केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि संपूर्ण शैक्षणिक इकोसिस्टम को आकार दिया। 1950 के दशक में स्वयं-वित्तपोषित संस्थानों की स्थापना का उनका दृष्टिकोण उस समय क्रांतिकारी था और आज भी हमारी शैक्षणिक सोच को दिशा देता है। आज जब हम उनकी स्मृति को नमन करते हैं, हम उनकी उस परंपरा को निभाने का संकल्प लेते हैं जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और समाज सेवा पर आधारित है – यही मणिपाल अनुभव की पहचान है।”

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