: राज्योत्सव के आयोजन में अधिकारियों, कर्मचारियों और राशन दुकान संचालकों की उपस्थिति अनिवार्य किए जाने को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इसे सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए उसके नेताओं पर निशाना साधा है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और राशन दुकान संचालकों को राज्योत्सव में उपस्थित रहने के निर्देश देना प्रशासनिक व्यवस्था का अनुचित इस्तेमाल है। पार्टी ने इसे सरकारी तंत्र पर अनावश्यक दबाव बनाने वाला कदम बताया है। कांग्रेस के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनसेवा और विभागीय कार्यों का निर्वहन करना है।
दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। भाजपा की ओर से कहा गया कि कांग्रेस के नेता गांधी परिवार की चाटुकारिता करने के लिए दिल्ली गए हैं। इस बयान के जरिए भाजपा ने कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए। राज्योत्सव में अनिवार्य उपस्थिति के मुद्दे ने आयोजन से पहले ही सियासी माहौल गर्म कर दिया है। एक ओर कांग्रेस सरकारी आदेश पर आपत्ति जता रही है, वहीं भाजपा इसे लेकर कांग्रेस पर जवाबी हमला कर रही है।
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