सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पत्रकारिता सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रही—यह साबित किया माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के छात्रों ने। बसों के इंतज़ार में थमे चेहरों से लेकर खाली बस स्टॉप तक की कहानी छात्रों ने ‘विकल्प’ के जरिए दर्ज की है। इस विशेषांक में शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की पोल खोलने वाली रिपोर्टें और ग्राउंड फोटो शामिल हैं ।
राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की बदहाली पर अब पत्रकारिता के छात्रों ने सरकार को आईना दिखाया है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के छात्रों ने मिलकर अपने प्रायोगिक अखबार ‘विकल्प’ का विशेषांक तैयार किया है, जो पूरी तरह भोपाल के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की जमीनी सच्चाई पर केंद्रित है।
एमपी नगर में स्थित विश्वविद्यालय के सिटी कैंपस के विकास भवन में ‘विकल्प’ के विशेषांक का विमोचन कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी के हाथों हुआ। कुलगुरु ने छात्रों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “पत्रकारिता तभी सार्थक होती है जब वह जनता की समस्याओं की आवाज़ बन सके।”
इस मौके पर पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष डॉ. राखी तिवारी, प्रो. शिवकुमार विवेक और प्रो. अनूप दत्ता सहित विभाग के सभी प्राध्यापक, संकाय सदस्य और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
करीब 20 राज्यों से आए 1800 छात्र विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं, जिनमें से ज्यादातर को रोजमर्रा में सार्वजनिक परिवहन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं अनुभवों ने छात्रों को यह विशेषांक निकालने की प्रेरणा दी। पत्रकारिता के छात्रों ने सरकार-सिस्टम से सीधे सवाल पूछा है— “स्मार्ट सिटी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट इतना अनस्मार्ट क्यों?”
विमोचन के बाद छात्रों ने ‘विकल्प’ के विशेषांक की प्रतियां भोपाल के प्रमुख अखबारों, न्यूज चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के संपादकों को भेंट कीं। भोपाल की बस सेवा, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, ई-बस योजनाएं और प्रशासनिक लापरवाही पर आधारित यह अंक प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘विकल्प’ का यह प्रयास न सिर्फ पत्रकारिता शिक्षा का बेहतरीन उदाहरण बना है बल्कि व्यवस्था पर भी गहरे सवाल खड़े कर रहा है।

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