सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में मनोज जरांगे पाटिल द्वारा जारी कथित ऑडियो क्लिप को लेकर विवाद गहरा गया है। क्लिप में दावा किया गया है कि मराठा आरक्षण आंदोलन को प्रभावित करने के लिए 500 करोड़ रुपये की रकम भाजपा की ओर से शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे तक पहुंचाई गई थी। इस आरोप के सामने आने के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के घटक दल भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।

ऑडियो क्लिप में क्या है दावा? जरांगे पाटिल ने बीड में एक रैली के दौरान इस कथित बातचीत का जिक्र किया था। इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑडियो क्लिप सुनाई। रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात महिला कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये श्रीकांत शिंदे के माध्यम से पहुंचाए जाने की बात कहती सुनाई देती है। बातचीत में 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा क्षेत्र में जरांगे के प्रभाव को कम करने के तरीकों पर चर्चा का भी दावा किया गया है। हालांकि, ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाजों की पहचान और बातचीत की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जरांगे ने भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने न तो ऐसी कोई रकम मांगी और न ही उन्हें कोई पैसा मिला है।

शिवसेना ने लगाए साजिश के आरोप शिवसेना नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने आरोप लगाया कि भाजपा का एक धड़ा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश कर रहा है। उन्होंने भाजपा नेताओं प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड का नाम लेते हुए सवाल उठाए। इस पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया और कहा कि बिना प्रमाण पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। भाजपा नेताओं ने इस पूरे विवाद के पीछे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत की भूमिका होने का आरोप भी लगाया। दूसरी ओर, राउत ने इस मामले को सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर की राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा है।

फडणवीस ने दिए फोरेंसिक जांच के आदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑडियो क्लिप की सत्यता का पता लगाने के लिए फोरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, उसमें मौजूद आवाजों और इसे सामने लाने के पीछे के कारणों की जांच जरूरी है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कथित बातचीत ढाई साल बाद सार्वजनिक क्यों की गई। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 500 करोड़ रुपये देने या लेने के आरोपों को खारिज किया है। वहीं, सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी दावे पर सवाल उठाते हुए इसे व्यंग्यात्मक अंदाज में खारिज किया।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई फिलहाल इस विवाद में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं, लेकिन ऑडियो क्लिप की वास्तविकता जांच का विषय है। फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष और संबंधित एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है। तब तक 500 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़ा दावा अपुष्ट बना हुआ है।


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