सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   :  मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत राजनीति शास्त्र विषय के पाठ्यक्रम निर्माण हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के पाठ्यक्रम विकास के लिए आयोजित की गई है।

उद्घाटन सत्र में विषय विशेषज्ञ एवं अध्यक्ष सुषमा यादव, पूर्व सम-कुलगुरु, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय और विशिष्ट अतिथि प्रो. उत्तम सिंह चौहान, संयुक्त संचालक, मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुषमा यादव ने की। उन्होंने कहा कि हमें भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए।

उन्होंने समग्र ज्ञान, एकात्म मानववाद और भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्य विद्यार्थियों तक पहुँचाने पर जोर दिया। कार्यशाला में 21 विषय विशेषज्ञ शामिल हैं, जो राजनीति शास्त्र के पाठ्यक्रम पर अपनी अनुशंसाएं उच्च शिक्षा विभाग के केंद्रीय अध्ययन मंडल को सौंपेंगे। प्रो. उत्तम सिंह चौहान ने भारतीय राजनीतिक चिंतन, चार्वाक दर्शन और तत्वमीमांसा पर अपने विचार साझा किए और बताया कि पाठ्यक्रम में प्रमाणिकता एवं व्यावहारिकता जरूरी है।

कार्यशाला के समन्वयक प्रो. एल.पी. झरिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और भारतीय व पश्चिमी विचारकों के संतुलित समावेश पर बल दिया। आयोजन सचिव सुशील मंडेरिया ने भारतीय ज्ञान परंपरा और उसके वैश्विक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन. रतन सूर्यवंशी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हर्षवर्धन सिंह तोमर ने किया। इस कार्यशाला से अपेक्षा है कि राजनीति शास्त्र का नया पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को समग्र, प्रासंगिक और कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सशक्त भूमिका निभा सकेंगे।

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