सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका के यूक्रेन संकट को लेकर ढीले रुख पर नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका यूक्रेन को समर्थन देना बंद करता है, तो उसकी वैश्विक विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में यदि ताइवान को लेकर चीन के साथ युद्ध की स्थिति आती है, तो अमेरिका को सहयोगी देशों का समर्थन नहीं मिलेगा।

यह तीखा बयान उस समय आया जब ब्रसेल्स में यूक्रेन समर्थक देशों की बैठक हुई, जिसमें 50 देशों ने भाग लिया, लेकिन अमेरिका पहली बार अनुपस्थित रहा। बैठक में यूक्रेन को सैन्य मदद देने की योजनाओं पर विचार हुआ। ब्रिटेन और जर्मनी के रक्षा मंत्रियों ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अनुपस्थित रहे।

मैक्रों ने कहा कि यदि अमेरिका यूक्रेन जैसे मित्र देश को छोड़ देता है, तो ताइवान जैसे मामलों में गठबंधन की एकता पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। वहीं ब्रिटेन ने इस बैठक में घोषणा की कि वह अप्रैल 2026 तक यूक्रेन को एक लाख ड्रोन देगा।

इस बीच, रूस ने यूक्रेन और पश्चिमी देशों पर आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया है, खासकर डोनेस्क, लुहांस्क और क्रीमिया क्षेत्र में हुए हमलों को लेकर। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप को रूस पर ड्रोन हमलों की जानकारी नहीं थी।

यह घटनाक्रम वैश्विक भू-राजनीति में आने वाले समय में तनाव को और बढ़ा सकता है।

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