सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : महाराष्ट्र सरकार द्वारा भारत में निर्मित विदेशी शराब (IMFL) पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के फैसले का असर सीधे तौर पर शेयर बाजार पर देखने को मिला है। इस फैसले के बाद विदेशी ब्रांड से जुड़ी शराब कंपनियों के स्टॉक्स में भारी गिरावट देखी गई, वहीं स्वदेशी ब्रांड्स के शेयरों में जोरदार तेजी आई है।
बुधवार को शेयर बाजार खुलते ही यूनाइटेड ब्रुवरीज, एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स, रेडिको खेतान और यूनाइटेड स्पिरिट्स जैसी नामी कंपनियों के शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यूनाइटेड स्पिरिट्स के शेयरों में 7.75%, एलाइड ब्लेंडर्स में 3.24% और रेडिको खेतान में 1.90% की गिरावट देखी गई।
इसके विपरीत, सुला वाइनयाडर्स, जीएम ब्रेवरीज और सोम डिस्टलर्रीज जैसी कंपनियों के स्टॉक्स में 11 प्रतिशत तक की उछाल आई है। इन कंपनियों को नई पॉलिसी से सीधा फायदा मिल रहा है क्योंकि ये महाराष्ट्र में निर्मित देसी ब्रांड्स की कैटेगरी में आती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला स्थानीय निर्माताओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है, जिससे राज्य की राजस्व प्राप्ति भी बढ़ेगी और देसी ब्रांड्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। निवेशकों की नजर अब इस फैसले के दीर्घकालिक प्रभावों पर टिकी है।
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