सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, जो इंस्टीट्यूशन ऑफ एमीनेन्स ड्रीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी है, ने 21–23 नवंबर 2025 तक मणिपाल में अपने 33वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। इस भव्य समारोह में 4,944 छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 170 पीएचडी धारक शामिल थे, जबकि विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में 10 असाधारण छात्रों को प्रतिष्ठित डॉ. टी.एम.ए. पाई गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

समारोह में वरिष्ठ नेतृत्व मंडल की उपस्थिति रही, जिसमें श्रीमती वसंती आर. पाई, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन  ट्रस्टी; प्रो चांसलर डॉ. एच. एस. बल्लाल; और लि. जनरल (डॉ.) एम. डी. वेंकटेश, वीएसएम (सेवानिवृत्त), मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन  के कुलपति शामिल थे, साथ ही फैकल्टी, गर्वित परिवार और स्नातक छात्र भी उपस्थित थे। समारोह की एक प्रमुख विशेषता थी मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन  के चांसलर डॉ. रामदास एम. पाई की 90वीं जयंती पर प्रथम दिन का डाक आवरण जारी करना। यह विमोचन श्रीमती वसंती पाई, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन  ट्रस्ट ट्रस्टी और श्री रमेश प्रभु, पोस्ट ऑफिस अधीक्षक, उदुपी डिवीजन द्वारा किया गया।

तीन दिवसीय दीक्षांत समारोह में विशिष्ट मुख्य अतिथि शामिल हुए, जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा आकार ले रहे तेजी से बदलते परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए। उनके संबोधन ने स्नातकों को यह मार्गदर्शन दिया कि कैसे वे इस नए युग में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

दिन 1:

प्रोफेसर डॉ. अनन्या मुखर्जी, कुलपति, शिव नादर विश्वविद्यालय, दिल्ली-एनसीआर, ने दीक्षांत संबोधन दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता -प्रेरित दुनिया में मानव निर्णय की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

“कभी भी अपने निर्णय को सौंपें नहीं। सभी कृत्रिम बुद्धिमत्ता  और कंप्यूटेशनल तकनीकों का उपयोग निर्णय लेने के लिए करें, न कि उन्हें लेने के लिए। नैतिक विकल्पों को मानव बुद्धि के लिए सुरक्षित रखें।”

उनके संबोधन ने स्नातकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता  को एक शक्तिशाली सहयोगी उपकरण के रूप में अपनाने की आवश्यकता और मानव मूल्यों एवं बुद्धिमत्ता को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में रखने का महत्व बताया।

दिन 2:

बिक्रम सिंह बेदी, उपाध्यक्ष, एशिया पैसिफिक स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स, गूगल क्लाउड और मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन  के पूर्व छात्र, ने संबोधन में ध्यान कृत्रिम बुद्धिमत्ता -आधारित दुनिया में आवश्यक कौशल और मानसिकता की ओर केंद्रित किया। उन्होंने तीन दशकों से अधिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता  की चुनौतियाँ केवल तकनीकी नहीं हैं, बल्कि नैतिक, सामाजिक और मानव-केंद्रित भी हैं। उन्होंने स्नातकों से कहा:

“सिर्फ तकनीक का निर्माण या उपयोग मत करें—इसे जिम्मेदारी के साथ करें। केवल यह न पूछें ‘क्या हम इसे बना सकते हैं?’ बल्कि यह भी पूछें ‘क्या हमें इसे बनाना चाहिए?’ अपनी क्षमताओं का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज की प्रगति के लिए करें।”

दिन 3:

प्रोफेसर (डॉ.) हनी एतेइबा, प्रेसिडेंट, रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स ऑफ ग्लासगो, ने तकनीक-प्रेरित दुनिया में सहानुभूतिपूर्ण संवाद के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्नातकों को याद दिलाया:

“ज्ञान और विज्ञान तभी वास्तविक अर्थ रखते हैं जब उन्हें मानवता, ध्यानपूर्वक सुनना और सच्चा संबंध जोड़े।”

उन्होंने स्नातकों से विश्वास, गरिमा और करुणा के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया और कहा कि कोई सफलता अकेले नहीं मिलती। उन्होंने ऐसे भविष्य की कल्पना की जहां तकनीकी प्रगति और मानव सहानुभूति साथ-साथ बढ़ें, और मार्गदर्शन इमानदारी, सम्मान और जिम्मेदारी द्वारा हो।

मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन  के कुलपति का दृष्टिकोण:

लि. जनरल (डॉ.) एम. डी. वेंकटेश, वीएसएम (सेवानिवृत्त), कुलपति, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन  ने नवाचार, उद्यमिता और अकादमिक उत्कृष्टता द्वारा आकार दिए जाने वाले भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्थान की डिजिटल क्षमताओं और स्थायी पहलों, जैसे 32 मेगावॉट सौर ऊर्जा सुविधा, पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान का मिशन केवल अकादमिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि सहानुभूति, वैश्विक दृष्टिकोण और मजबूत सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से एक समग्र सीखने का पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।

सम्मानित छात्र और डॉ. टी.एम.ए. पाई गोल्ड मेडल विजेता:

33वें दीक्षांत समारोह में तीनों दिनों में असाधारण छात्रों को डॉ. टी.एम.ए. पाई गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।

दिन 1 गोल्ड मेडलिस्ट:

पोनम्मा एम. एम. (एम.एससी. मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी, मणिपाल)

निकिता मरीना साल्डन्हा (बी.फार्म, मणिपाल)

सिरिल बिजी (एम.एससी. बायोस्टैटिस्टिक्स, मणिपाल)

विंध्य एस. बादल (बी.एससी. क्लिनिकल न्यूट्रिशन & डायटेटिक्स, मणिपाल)

दिन 2 गोल्ड मेडलिस्ट:

रशी गोयल (बी. टेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मणिपाल)

नेहा श्रीकुमार (बी.एससी. नर्सिंग, मणिपाल)

मंधिरा (बी.ए. मीडिया & कम्युनिकेशन, मणिपाल)

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