सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रदेश सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक आस्था दोनों को प्राथमिकता देते हुए बड़ा आर्थिक निर्णय लिया है। लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनकी निर्णय क्षमता बढ़ाना और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है। नियमित आर्थिक सहायता से लाखों महिलाओं को घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में राहत मिल रही है।
सरकार का कहना है कि योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है तथा स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को भी मजबूती मिली है। कई लाभार्थी महिलाओं ने छोटी-छोटी स्वरोजगार गतिविधियां शुरू कर आय के नए स्रोत विकसित किए हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिला है।
इसी के साथ आगामी सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के लिए भी राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष बजट स्वीकृत किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बैठकों का दौर जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक कल्याण योजनाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों पर समान ध्यान देने से प्रदेश की समग्र विकास प्रक्रिया को गति मिलती है। एक ओर जहां महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का यह दोहरा फोकस सामाजिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विरासत दोनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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