सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश समिति -क्रीड़ा भारती एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “खेल दृष्टि भारतीय दृष्टि” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी की प्रथम श्रृंखला का आयोजन ज्ञान विज्ञान केंद्र, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में किया गया,जिसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेल संस्कृति की पुनर्स्थापना और उसके आधुनिक संदर्भ में पूर्ण अवलोकन करना, व्यायाम पद्धतियों, योग आधारित अभ्यास प्रणाली भारतीय मूल, नैतिक खिलाड़ी एवं प्रशिक्षकों के आचरण में सुधार किस प्रकार किया जाए संगोष्ठी का लक्ष्य था राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि इंदर सिंह परमार मंत्री मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग द्वारा किया गया मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में भारत के पारंपरिक खेलों की गौरवशाली परंपरा का व्याख्यान किया जो भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में खेल और योग के माध्यम से स्वास्थ्य के लक्ष्य प्राप्ति में सहायक हो रही है खेल द्वारा विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है मध्य प्रदेश के समस्त विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में भारतीय परंपरागत खेलों के साथ आधुनिक खेलों को मध्य प्रदेश के समस्त शिक्षण संस्थानों में शामिल किया गया है संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अशोक अग्रवाल क्षेत्र कार्यवाहक मध्य क्षेत्र ने अपने उद्बोधन में विषय प्रवर्तन करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्यों को कैसे प्राप्त किया जाए बताते हुए कहा कि भारत में महिला एवम पुरुषो मे हर क्षेत्र मे समानता है अभी कुछ दिनो पूर्व महिला क्रिकेट टीम का विश्व विजेता बनी है लैंगिक समानता का एक बहुत महत्वपूर्ण उदाहरण है
भारत में स्वदेशी खेलो खो-खो, कबड्डी, रस्साकसी,भारतीय योग एवं तीरंदाजी प्रमुख खेल को खेला जाता है । यदि क्रीड़ा भारती के प्रयास के साथ समाज के सभी वर्गों के सार्थक प्रयास रहेगा तो भारत सभी खेलो में फिर से विश्व गुरु बनेगा विशिष्ट अतिथि भीष्म सिंह राजपूत राष्ट्रीय नियामक मंडल सदस्य ने ” खेल सृष्टि -भारतीय दृष्टि “पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विगत वर्षों में भारत की खेल प्रतिभाएं ओलंपिक, राष्ट्रमंडल, एशिया एवं विश्व चैंपियनशिप खेलों में देखने को मिल रही है पदों में सतत वृद्धि हो रही है विशिष्ट अतिथि दीपक सचेती जी ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल नीति एवं खेलों की कार्य योजना के क्रियान्वन पर सभी लोगों को बल देने की आवश्यकता को बताया, कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन सचिव आलोक मिश्रा द्वारा किया गया कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन अनिल शर्मा कुलसचिव बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा किया गया कार्यक्रम में जबलपुर विश्वविद्यालय से प्रो. विशाल बन्ने, इंदौर विश्वविद्यालय से प्रो. राकेश साहनी एवं प्रो. सुधीरा चंदेल, वीयनएस महाविद्यालय के प्राचार्य राजेश त्रिपाठी उपप्राचार्य वीएस भदौरिया, नई दिल्ली से डॉ. सत्य व्रत त्रिपाठी, द्रोणाचार्य एवार्डी डॉ. संजय भारद्वाज प्रसिद्ध खेल मनोवैज्ञानिक के एन त्रिपाठी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक से डॉ. राम मिश्रा, प्रयागराज से डॉ. अतुल मिश्रा, योग गुरू डाॅ. अमित गौतम सहित 350 प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में पंजीयन कराया एवं 75 से अधिक विद्वानों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए क्रीड़ा भारती मध्य प्रदेश समिति के प्रस्ताव में पहली बार राष्ट्रीय संगोष्ठी बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के आयोजन के बाद क्रमशः रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर, विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर एवं लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय ग्वालियर में भी इसी प्रकार की राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है
राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ मथुरा प्रसाद अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग भोपाल ने खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियो को जीवन का अभिन्न अंग बनाने को कहा, विशिष्ट अतिथि के रूप में अनंत डी. के. क्षेत्र संयोजक क्रीड़ा भारती ने खेल एक अनंत यात्रा है खेलकूद में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए जिससे स्वास्थ्य के लक्ष्यो की प्राप्ति हो सके, संयोजक एवं प्रांत सह मंत्री क्रीड़ा भारती मनीष बाजपेयी ने खेलकूद एवं समाज पर अपना उद्बोधन देते हुए आधुनिक समय में खेलों को अंगीकृत करने का आवाहन किया । राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजन सचिव डॉ आलोक मिश्रा संचालक शारीरिक शिक्षा बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल विभागाध्यक्ष ।
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