सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मनोहर मेमोरियल कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा मशरूम की खेती को लेकर बुधवार को एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को उनके कृषि अभ्यास की तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर सीआरएम जाट कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने भाग लिया, जिन्होंने अपनी विशेषज्ञता और अंतर्दृष्टि के साथ सत्र का नेतृत्व किया। इस अवसर पर जीव विज्ञान विशेषज्ञ नीलम बत्रा ने भी विद्यार्थियों को अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार सांझा किया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुरचरण दास ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। व्याख्यान में मशरूम की खेती के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें इसकी आर्थिक क्षमता, पर्यावरणीय लाभ और शुरुआती लोगों के लिए व्यावहारिक सुझाव शामिल थे। मुख्य वक्ता ने कहा कि कम जगह में खेती कर अच्छी आमदनी करने के लिए मशरूम की खेती सबसे बेहतर विकल्प है। आमतौर पर खेती के लिए मिट्टी और जमीन की आवश्यकता होती है लेकिन मशरूम एक ऐसी खेती है, जहां कम पानी, बिना मिट्टी और बिना धूप के इसकी खेती कर कम समय में अच्छी मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज युवाओं का खेती की तरफ रूझान बढऩे लगा है। युवा खासकर परम्परागत खेती की बजाय आधुनिक खेती की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। मशरूम की खेती कर युवा अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम शुद्ध रूप से शाकाहारी होने के साथ ही फाइबर युक्त आहार है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन सहित कई तरह के विटामिन मौजूद है। इसके सेवन से त्वचा के स्वस्थ होने के साथ ही हृदय को मजबूती प्रदान होती है। अंत में वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. मंजू कुमारी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सुदर्शन सिंह मल्होत्रा, नीलम बत्रा एवं सुदर्शन बत्रा भी मौजूद रहे।

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