सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / नई दिल्ली : भारत में जुलाई 2025 की रिटेल महंगाई दर 2% से कम रहने की उम्मीद जताई जा रही है। आज, 12 अगस्त को जुलाई महीने के रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में लगातार गिरावट इस कमी का मुख्य कारण है।
जून 2025 में रिटेल महंगाई घटकर 2.10% रही थी, जो 77 महीनों का निचला स्तर है। इससे पहले जनवरी 2019 में यह 2.05% दर्ज की गई थी। मई 2025 में महंगाई 2.82% और अप्रैल 2025 में 3.16% रही थी। फरवरी 2025 से महंगाई RBI के 4% के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है।
हाल ही में 4 से 6 अगस्त के बीच हुई RBI की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया गया। इसके साथ ही अप्रैल-जून तिमाही का अनुमान 3.4% से घटाकर 2.1% कर दिया गया है।
महंगाई दर का बढ़ना और घटना बाजार में मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है। जब लोगों के पास अधिक पैसा होता है, तो वे ज्यादा सामान खरीदते हैं, जिससे मांग बढ़ती है। अगर आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो पाती, तो कीमतें बढ़ती हैं और महंगाई बढ़ती है। वहीं, अगर मांग घटती है और आपूर्ति अधिक होती है, तो महंगाई घटती है।
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स, रिटेल महंगाई को मापने का प्रमुख पैमाना है, जो उपभोक्ताओं द्वारा वस्तुओं और सेवाओं के लिए चुकाए गए औसत दामों में बदलाव को दर्शाता है।
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