सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने ‘ऑपरेशन नार्निया’ के तहत ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों को एक गुप्त रणनीति से निशाना बनाया। यह मिशन ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ की प्रसिद्ध “रेड वेडिंग” जैसी योजना पर आधारित था, जहां ईरान के नौ बड़े परमाणु वैज्ञानिकों को तेहरान में उनके घरों में मार गिराया गया।
इजरायल के मेजर जनरल ओडेड बसियुक, जो इस हमले के मुख्य रणनीतिकार थे, ने बताया कि इस मिशन की योजना कई वर्षों से तैयार की जा रही थी। 13 जून को हुए इस अंजाम तक पहुंचने के लिए इजरायल ने जासूसी नेटवर्क, टारगेट प्लानिंग और तकनीकी निगरानी का व्यापक उपयोग किया।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी कार्रवाई में इजरायल के किसी भी उच्च सैन्य अधिकारी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। यह इजरायली खुफिया एजेंसियों की दक्षता और गुप्त योजना की सफलता को दर्शाता है।
इस ऑपरेशन का असर
इस मिशन ने ईरान की सैन्य योजना और परमाणु क्षमता पर करारा प्रहार किया है। वहीं क्षेत्रीय शक्ति के रूप में इजरायल की स्थिति और मजबूत हुई है। बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन की नींव 1990 के दशक में ही रखी जा चुकी थी, जो अब जाकर पूरी तरह से क्रियान्वित हुई।
इजरायल की यह कार्रवाई वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और कूटनीतिक चर्चा का विषय बन गई है, और आने वाले दिनों में इसका भू-राजनीतिक असर स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है।
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