मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के आसपास के समुद्री इलाकों में काम कर रहे करीब 23,000 भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विभिन्न शिपिंग कंपनियों और नाविक संगठनों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने और इन नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।  रिपोर्ट्स के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र और ईरान के आसपास के समुद्री मार्गों से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक तैनात हैं। मौजूदा हालात में इन जहाजों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है, क्योंकि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और संभावित संघर्ष की आशंका बनी हुई है। नाविक संगठनों का कहना है कि युद्ध जैसे हालात में समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन जहाजों पर भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं, उनके लिए विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए जाएं। कई नाविकों के परिवारों ने भी चिंता जताई है और सरकार से अपील की है कि उनके परिजनों को सुरक्षित वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में समुद्र में काम करना बेहद जोखिम भरा हो गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार को शिपिंग कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों और संबंधित देशों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर जहाजों के मार्ग में बदलाव या अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की जा सकती है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारतीय दूतावास भी क्षेत्र में मौजूद जहाजों और नाविकों से संपर्क में है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाती है, ताकि संकट के इस दौर में उनकी जान को किसी तरह का खतरा न हो।

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