सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्य-पूर्व में Iran और Israel के बीच बढ़ते युद्ध तनाव ने वैश्विक निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाया है। रिपोर्टों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों और विदेशी निवेशों में कुल लगभग 19 लाख करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के चलते जोखिम भरे निवेशों में गिरावट आई और निवेशक अपने पोर्टफोलियो से पैसा निकालने लगे। इससे न केवल मध्य-पूर्व बल्कि यूरोप, अमेरिका और एशियाई बाजारों में भी दबाव महसूस हुआ। भारतीय शेयर बाजारों पर भी इसका असर देखा गया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा बिकवाली से प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई और निवेशकों में अस्थिरता बढ़ी। बैंकिंग, मेटल और आईटी सेक्टर विशेष रूप से प्रभावित हुए। विश्लेषकों का मानना है कि अगर मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ता रहा तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कच्चे माल की कीमतों में भी वृद्धि होगी। इस स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहकर रणनीतिक निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है। सरकारी और वित्तीय संस्थानों ने कहा है कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और निवेशकों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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