सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय टी20 लीग बन चुकी है। साल 2008 से शुरू होकर 2025 तक IPL के 18 सीजन पूरे हो चुके हैं और इस दौरान खिलाड़ियों की नीलामी यानी ऑक्शन में कुल करीब 9307 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। IPL ऑक्शन ने क्रिकेट को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक बड़े बिजनेस मॉडल में बदल दिया है।
2008 के पहले IPL ऑक्शन से ही इस लीग ने सुर्खियां बटोरीं, जब अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजियों ने करोड़ों रुपये दांव पर लगाए। समय के साथ ऑक्शन की रणनीतियां भी बदलीं—जहां शुरुआती सीजनों में बड़े नामों पर फोकस था, वहीं बाद के वर्षों में युवा भारतीय टैलेंट, ऑलराउंडर्स और स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों की मांग बढ़ी। 2022 में दो नई टीमों के जुड़ने के बाद ऑक्शन का आकार और बजट दोनों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला।
IPL ऑक्शन का ABCD यानी ऑक्शन बजट, बेस प्राइस, कैटेगरी और डिमांड हर सीजन चर्चा का विषय रहता है। विदेशी खिलाड़ियों की लिमिट, रिटेंशन पॉलिसी और मेगा ऑक्शन ने टीमों की रणनीति को लगातार प्रभावित किया है। 2025 तक IPL ऑक्शन न केवल खिलाड़ियों की किस्मत बदलने वाला मंच बना, बल्कि भारतीय क्रिकेट को वैश्विक पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
कुल मिलाकर, IPL ऑक्शन क्रिकेट, पैसा और रणनीति का अनोखा संगम है, जिसने 18 साल में खेल की तस्वीर ही बदल दी है।
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