सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: आज संयुक्त राष्ट्र में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और 193 अन्य देशों के नेता शामिल होंगे। इस बैठक का नाम “समिट फॉर फ्यूचर” रखा गया है, जिसका उद्देश्य धरती पर मंडरा रहे खतरों से निपटना है।

बैठक के प्रमुख मुद्दे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव के कारण अगले छह वर्षों में 30 करोड़ लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। इसके साथ ही, 2050 तक भारत के कोलकाता समेत 13 बड़े शहर समुद्र में समा सकते हैं। पिछले 16 वर्षों में विश्व शांति में कमी आई है और 2023 में 155 देशों में मानवाधिकारों का उल्लंघन देखा गया है।

समिट का उद्देश्य

समिट का उद्देश्य ग्लोबल पीस, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, क्लाइमेट चेंज, मानवाधिकार और जेंडर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है। यह समिट 2021 में आयोजित होने वाला था, लेकिन इसमें तीन साल की देरी हुई है।

भारत का दृष्टिकोण

भारत, जो ग्लोबल साउथ देशों का नेतृत्व करता है, इस समिट में क्लाइमेट चेंज और मानवाधिकारों के मुद्दों पर अपने विचार रखेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत ने ग्रीन ट्रांजिशन का रास्ता चुना है और कार्बन एमिशन में उसकी भूमिका न्यूनतम है।

प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी इस समिट में भारत के दृष्टिकोण को पेश करेंगे और अमीर देशों से क्लाइमेट टैक्स लगाने की मांग को दोहराने की संभावना है। उन्होंने अमेरिकी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत का कार्बन एमिशन में योगदान बहुत कम है और उन्होंने प्रकृति प्रेम के कारण ग्रीन ऊर्जा में निवेश की बात की।

इस समिट के माध्यम से विश्व नेताओं की एकजुटता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को समझाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि धरती की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।