सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण:
रुचिका सिंह ने अमेरिका के एलबामा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भारत की पहली महिला साइक्लिस्ट के रूप में पांच पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने जिन कठिन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लिया उनमें रोड रेस, टाइम ट्रायल, स्प्रिंट, हिल क्लाइंब और सर्किट रेस शामिल थीं। हर श्रेणी में एक कांस्य पदक जीतकर रुचिका ने भारतीय साइक्लिंग और वर्दी में महिलाओं की उपलब्धियों को एक नई ऊंचाई दी है।
इस उपलब्धि के पीछे है डॉ. पायल कनोडिया की दूरदर्शिता, जो कि एम3एम फाउंडेशन की चेयरपर्सन व ट्रस्टी हैं और “लक्ष्य” कार्यक्रम की प्रमुख शक्ति भी। यह कार्यक्रम खेल, कला और शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण प्रतिभाओं को समर्थन देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
डॉ. कनोडिया ने कहा:
“लक्ष्य कार्यक्रम हमारा यह संकल्प है कि भारत के युवा अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच सकें। रुचिका की कहानी केवल पदक जीतने की नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, संकल्प और समय पर सही मंच मिलने की शक्ति को दर्शाती है।”
रुचिका सिंह ने 2018 में मुक्केबाज़ी छोड़कर साइक्लिंग को अपनाया। वे एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं, जहां अनुशासन और सेवा की भावना गहराई से जुड़ी है। वे उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं और उनके माता-पिता भी सार्वजनिक सेवा में रहे हैं। उनका सफर दर्शाता है कि सुनियोजित समर्थन और अवसरों से जीवन कैसे बदल सकता है।
डॉ. कनोडिया का मानना है कि लक्ष्य कार्यक्रम ऐसे कई और प्रेरणास्रोतों के लिए प्रक्षेपण मंच बनेगा, खासकर महिलाओं के लिए, जो आज वैश्विक मंच पर नई परिभाषाएं गढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा:
“एम3एम फाउंडेशन में हम रुचिका जैसी कहानियों में निवेश कर रहे हैं — ये कहानियां हैं प्रतिभा, जुझारूपन और आशा की।”
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