सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत की वैकल्पिक पूंजी परिसंपत्तियों से जुड़ी शीर्ष संस्था इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन, 12 नवम्बर 2025 को इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन  सर्कल्स – बेंगलुरु संस्करण आयोजित करने जा रही है। “भारत की डीपटेक क्षमता को अनलॉक करना” विषय पर केंद्रित यह मंच वेंचर कैपिटल (VC) निवेशकों, प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्मों, फैमिली ऑफिस, नीति-निर्माताओं और स्टार्टअप संस्थापकों को एक साथ लाएगा, ताकि भारत के डीपटेक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, पूंजी निर्माण और नीति ढांचे को मजबूत करने के मार्ग तलाशे जा सकें।

कर्नाटक सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग इस आयोजन में साझेदार है, वहीं कैपिटल-ए, पीक XV पार्टनर्स और वेस्टब्रिज कैपिटल भी सहयोगी भागीदार के रूप में शामिल हैं। इस संस्करण के लिए IN-SPACe ज्ञान साझेदार  के रूप में कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम की एक प्रमुख झलक “कर्नाटक एट द फ्रंटियर – पावरिंग इंडिया’s डीप-टेक डिकेड” विषय पर आयोजित फायरसाइड चैट होगी, जिसमें श्री प्रियंक खड़गे, माननीय मंत्री (इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कर्नाटक सरकार) और राजन आनंदन, प्रबंध निदेशक – पीक XV पार्टनर्स एवं सर्ज, सह-अध्यक्ष – इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन  VC परिषद, भाग लेंगे।

यह संगोष्ठी ऐसे समय में हो रही है जब भारत का डीपटेक क्षेत्र वैकल्पिक पूंजी और नीति समर्थन से सशक्त होता जा रहा है। इस क्षेत्र में निवेश 2019 में 103 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2023 में 1.27 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया और 2024 में 709 मिलियन डॉलर पर स्थिर हुआ। डीपटेक का हिस्सा भारत के 11 बिलियन डॉलर के वेंचर कैपिटल परिदृश्य में 0.77% से बढ़कर 13.2% हो गया है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

2020 से अब तक, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, मटेरियल साइंस, स्पेस टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में फैले 3,600 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स ने मिलकर ₹34,000 करोड़ से अधिक की पूंजी जुटाई है। 2022 से अब तक, कॉरपोरेट वेंचर आर्म्स और संस्थागत निवेशकों ने 60 से अधिक डीपटेक सौदे किए हैं, जो भारत के आरएंडडी-आधारित लेनदेन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा हैं।

राजन आनंदन, प्रबंध निदेशक, पीक XV पार्टनर्स और सर्ज, सह-अध्यक्ष – इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन  VC परिषद ने कहा,

“भारत का डीपटेक इकोसिस्टम एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उद्यमियों के ऊर्जावान आधार के साथ, अगली पीढ़ी की वैश्विक डीपटेक कंपनियां यहीं से बनेंगी। निजी पूंजी, नीति-निर्माताओं और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग इस क्षमता को खोलने की कुंजी है — और इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन  सर्कल्स जैसे मंच इस संवाद को गति देते हैं।”

अंकित केडिया, संस्थापक एवं लीड निवेशक, कैपिटल-ए ने कहा,

“भारत तेजी से एक वैश्विक डीपटेक केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां नवाचार-प्रेरित पूंजी अग्रणी अनुसंधान को वास्तविक प्रभाव में बदल रही है। हमारे लिए डीपटेक का भविष्य इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, औद्योगिक अनुप्रयोग और धैर्यवान पूंजी के संगम में निहित है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और मटेरियल्स से लेकर हर क्षेत्र में हम ऐसी कंपनियों में निवेश करते हैं जो उद्योगों को पुनर्परिभाषित करती हैं और भारत की वैश्विक भूमिका को सुदृढ़ बनाती हैं।”

एयर वाइस मार्शल धनंजय खोत (सेवानिवृत्त), निदेशक – रणनीति एवं योजना, IN-SPACe ने कहा,

“अंतरिक्ष केवल उभरता हुआ क्षेत्र नहीं है, यह रणनीतिक मोर्चा भी है। भारतीय अंतरिक्ष उद्योग पैमाने, गति और वैश्विक प्रभाव के विस्फोटक विकास के मुहाने पर है, और यह परिवर्तन साहसी निवेशकों एवं नवोन्मेषकों दोनों द्वारा संचालित होगा। मैं इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन  सर्कल्स – बेंगलुरु संस्करण में भाग लेने और डीपटेक व अंतरिक्ष पर गहन विचार-विमर्श की प्रतीक्षा कर रहा हूं, ताकि सामूहिक सहयोग से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।”

भारत सरकार समानांतर रूप से डीपटेक अनुसंधान एवं विकास (R&D) को फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) पहल के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है, जिससे घरेलू पूंजी जुटाई जा सके और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाया जा सके। ₹10,000 करोड़ के डीपटेक फंड-ऑफ-फंड्स और ₹1 लाख करोड़ के अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड, जो अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के तहत स्थापित किया गया है, के माध्यम से भारत प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भरता, दीर्घकालिक निजी पूंजी आकर्षण और वैश्विक नवाचार केंद्र बनने की दिशा में मजबूत कदम उठा रहा है।

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